रायपुर, 04 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है. वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक ऑपरेटिव ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एजेंट पाकिस्तान में घुसकर 30 से ज्यादा आतंकियों को मार चुके हैं. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे ऑपरेटिव ने भारत की खुफिया एजेंसियों को लेकर बड़ा दावा किया है. वीडियो में वह कहता है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एजेंट पाकिस्तान में घुसकर 30 से ज्यादा आतंकियों को मार चुके हैं. उसने यह भी आरोप लगाया कि भारत लगातार अपने एजेंट भेज रहा है और धार्मिक मुद्दे का भी जिक्र किया. हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और पाकिस्तान पर लगातार दबाव बना हुआ है. वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
वायरल वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे ऑपरेटिव रिजवान हनीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान के कई शहरों में उसके संगठन के सदस्यों की हत्याएं हुई हैं. उसने कहा कि पेशावर, कराची, रावलपिंडी, मुजफ्फराबाद और रावलकोट जैसे शहरों में कई आतंकी मारे गए.
हनीफ ने यह भी कहा कि हर ऐसी घटना के बाद सोशल मीडिया पर ‘अननोन गनमैन’ हैशटैग ट्रेंड करने लगता था। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
लश्कर-ए-तैयबा की शुरुआत 1980 के दशक में पाकिस्तान में हुई थी. इस संगठन की स्थापना हाफिज मोहम्मद सईद, जफर इकबाल और अब्दुल्ला आजम ने की थी.
शुरुआत में यह ‘मरकज-उद-दावा-वल-इरशाद’ का सैन्य विंग था, जिसे सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान बनाया गया था. अफगानिस्तान से सोवियत सेना की वापसी के बाद संगठन ने अपना फोकस जम्मू-कश्मीर की ओर कर दिया। इसके बाद लश्कर-ए-तैयबा का नाम भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ता रहा.
लश्कर-ए-तैयबा वही आतंकी संगठन है, जिस पर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है. हाल के वर्षों में पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुजफ्फराबाद समेत पाकिस्तान के कई शहरों में 30 से ज्यादा लश्कर आतंकियों की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या की खबरें सामने आई हैं.
अब पहली बार इस संगठन से जुड़े बताए जा रहे एक आतंकी ने वायरल वीडियो में इन हत्याओं का सार्वजनिक रूप से जिक्र किया है. गौरतलब है कि अल-कायदा और तालिबान से संबंधों के आरोपों के चलते संयुक्त राष्ट्र ने 2005 में इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल वीडियो की जांच के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की है. एजेंसियों के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति रिजवान हनीफ लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ आतंकी है, जिसकी भारत को लंबे समय से तलाश है.
वीडियो में वह पाकिस्तान में हुई टार्गेट किलिंग्स के लिए भारतीय एजेंसियों पर आरोप लगाता है, लेकिन भारत सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. वीडियो में आतंकी को हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ बातें करते हुए भी सुना जा सकता है.
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे वीडियो यह दिखाते हैं कि आतंकी संगठन धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर नफरत फैलाने और लोगों को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने की कोशिश करते हैं.
