रायपुर, 04 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इसके बाद अब भारत के साथ अपने देश के गहरे संबंधों को लेकर पीएम नेतन्याहू ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है. ईरान के साथ जारी खिंचाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के दौर में नेतन्याहू ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की है.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी उनके सबसे बेहतरीन और सच्चे दोस्तों में से एक हैं.
नेतन्याहू ने यह भी माना कि वैश्विक स्तर पर भारत से इजरायल को जो समर्थन और प्यार मिल रहा है, वह वास्तव में बहुत लाजवाब है.
उनके इस बयान से दोनों देशों के मजबूत और अटूट रिश्तों की झलक एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है.
इजरायल की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि इजरायल दुनिया में अकेला पड़ गया है.
उन्होंने कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि इजरायल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग पड़ चुका है, वे पूरी तरह गलत हैं. नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि उनका देश दुनिया के नए और मजबूत साझेदारों के साथ अपने संबंधों को लगातार नया रूप दे रहा है. इस पूरी प्रक्रिया में भारत सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण देशों की सूची में शामिल है.
उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में अधिक मजबूत साझेदारियां बनाना बहुत जरूरी है और इसीलिए इजरायल भारत के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों में भारी निवेश कर रहा है.
भारत और इजरायल के रिश्ते पिछले एक दशक में बहुत तेजी से बदले हैं और बेहद मजबूत हुए हैं. विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दौर में दोनों देशों का आपसी सहयोग काफी बढ़ गया है.
रक्षा के क्षेत्र से लेकर व्यापार, आधुनिक तकनीक, कृषि, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग तक, हर मोर्चे पर दोनों देशों ने मिलकर काम किया है.
इजरायल की उच्च तकनीक और भारत के विशाल बाजार तथा प्रतिभा ने इस साझेदारी को एक नया आयाम दिया है. दोनों देशों के बीच समय समय पर हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं ने इन संबंधों को और ज्यादा प्रासंगिक और मजबूत बनाया है.
दोनों नेताओं के बीच की इस खास दोस्ती की बुनियाद साल 2018 में और मजबूत हुई थी, जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत का ऐतिहासिक दौरा किया था.
उस दौरान भारत और इजरायल के बीच 9 प्रमुख और महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे. उन समझौतों ने कृषि, जल प्रबंधन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई राह खोली थी.
उसी यात्रा के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने भारत और इजरायल के आपसी संबंधों को ‘विशेष साझेदारी’ का दर्जा दिया था. उस दौरे के बाद से ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते बहुत तेजी से आगे बढ़े हैं.
हाल ही में दोनों देशों के संबंधों ने विकास का एक और नया दौर देखा है. इस साल दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए इसे ‘शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का आधिकारिक दर्जा दिया है.
इसी क्रम में फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौरा किया था. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई, रक्षा उत्पादन, क्रिटिकल मिनरल, आपसी व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और श्रम जैसे कई नए और अत्याधुनिक क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई थी.
यह पहली बार नहीं है जब बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत की तारीफ की हो. वह इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को दुनिया की एक बड़ी और उभरती हुई महाशक्ति बता चुके हैं.
नेतन्याहू का मानना है कि भारत न केवल एशिया में बल्कि पूरी दुनिया में एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरा है. भारत की वैश्विक नीतियों और तटस्थ रुख ने इसे हर देश के लिए एक भरोसेमंद साथी बना दिया है.
ईरान के साथ जारी संकट के समय नेतन्याहू का यह बयान दर्शाता है कि इजरायल भारत के साथ अपने इस ऐतिहासिक और भरोसेमंद रिश्ते को कितनी ज्यादा अहमियत देता है.
आने वाले समय में यह दोस्ती दोनों देशों के विकास और सुरक्षा के लिए और भी ज्यादा असरदार साबित होने वाली है.
