For agriculture students
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रायपुर, 19 जून 2026/ ETrendingIndia / For agriculture students: Workshop on food processing and entrepreneurship. कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, धमतरी के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाओं, मूल्य संवर्धन, विपणन, ब्रांडिंग तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न प्रोत्साहनकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के अध्यक्ष अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन के माध्यम से आय वृद्धि की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि आधारित स्टार्टअप एवं नवाचार की दिशा में आगे बढऩे तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को मूल्य संवर्धन के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ता प्रचेता किरण छिड़ेहा ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के आधुनिकीकरण, विस्तार एवं स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित है।

योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक अनुदान, अधिकतम 10 लाख रुपए तक प्रदान किया जाता है। साथ ही बैंक ऋण, तकनीकी प्रशिक्षण, उत्पाद गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कृषि उपज आधारित उत्पादों जैसे अचार, पापड़, मुरब्बा, जैम, जेली, मसाले, दाल प्रसंस्करण, मिलेट आधारित उत्पाद एवं अन्य मूल्य संवर्धित खाद्य पदार्थों के निर्माण में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

जिला रिसोर्स पर्सन डॉ. संदीप मेश्राम ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा मानकों, आधुनिक तकनीकों तथा आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के साथ प्रभावी विपणन रणनीति अपनाकर स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है।

रिसोर्स पर्सन रविन्द्र यादव ने जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, उद्यम स्थापना की प्रक्रिया तथा विभागीय सहयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के तकनीकी प्रभारी डॉ. पीयूष प्रधान ने कृषि क्षेत्र में नवाचार, एग्री-स्टार्टअप एवं उद्यमिता की बढ़ती संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि कृषि स्नातक युवाओं के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।

कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक डॉ. भूमिका कोमा ने आभार प्रदर्शन किया।