रायपुर, 19 जून 2026/ ETrendingIndia / Bastar: Development through silk… directives issued to increase farmers’ income and operationalise yarn-reeling machines. ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने जगदलपुर प्रवास के दौरान बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने सिल्क समग्र योजना के तहत रेशम विस्तार और उत्पादन कार्यों का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया .
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वर्ष में सभी लाभार्थी किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
शिबूराम का खेत और कृमिपालन इकाई का निरीक्षण
सचिव श्री राणा ग्राम सोसनपाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रगतिशील रेशम कृषक श्री शिबूराम के खेत एवं कृमिपालन इकाई का निरीक्षण किया।
शिबूराम ने अपने खेत में उन्नत प्रजाति के व्ही-1 शहतूत का रोपण किया है और वर्तमान में 50 स्वस्थ डिम्ब समूहों का कृमिपालन कर रहे हैं।
किसान ने बताया कि योजना के तहत उन्हें शहतूत पौधरोपण, सिंचाई विकास, कृमिपालन भवन निर्माण, उपकरण और निःसंक्रमण सामग्री के लिए सरकार से किश्तों में आर्थिक सहायता मिली है।
उन्होंने रेशम कीटपालन से अब तक 55 हजार की आय अर्जित कर ली है।
उप संचालक (रेशम) ने जानकारी दी कि सिल्क समग्र योजना के अंतर्गत अकेले बस्तर जिले में अब तक 90 कृषकों के यहां शहतूत पौधरोपण का कार्य पूरा किया जा चुका है।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी किसानों की आय का नियमित विश्लेषण कर डेटा तैयार किया जाए और उन्हें समय पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाए।
केंद्रीय रेशम बोर्ड का निरीक्षण, स्वस्थ डिम्ब समूहों की समय पर उपलब्धता के निर्देश
श्री राणा ने बस्तर स्थित भारत सरकार के केंद्रीय रेशम बोर्ड के बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण संस्थान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां वैज्ञानिकों से स्वस्थ डिम्ब समूह (रेशम के अंडे) तैयार करने की प्रक्रिया समझी और निर्देशित किया कि विभाग की मांग के अनुरूप इनकी समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि संभाग में कोसाफल उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी हो सके।
कांकेर के झीपाटोला में 10.82 लाख रूपए के रेशम धागे का उत्पादन
श्री राणा ने रेशम धागाकरण गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने संभाग की सभी बंद या सुस्त पड़ी धागाकरण मशीनों को तुरंत पूरी क्षमता के साथ प्रारंभ करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय धागाकारकों को निरंतर स्वरोजगार मिलता रहे।
जिला रेशम अधिकारी कांकेर श्रीमती वेणी कश्यप ने बताया कि जिले के झीपाटोला के धागाकरण समूहों द्वारा अब तक 10 लाख 82 हजार 784 मूल्य का रेशम धागा तैयार कर शानदार आय अर्जित की गई है।
सचिव ने इस सफलता को सराहते हुए धागाकरण गतिविधियों को और अधिक सघनता से संचालित करने के निर्देश दिए ।
