PM to visit West Bengal
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रायपुर 20 जून 2026/ ETrendingIndia / “PM to visit West Bengal: West Bengal Day celebrations, launch and foundation stone laying of various development projects, PM-Kisan installment to be released, launch of three naval ships, will participate in International Yoga Day celebrations” प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 20-21 जून 2026 को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।

20 जून को दोपहर लगभग 3:45 बजे, प्रधानमंत्री हुगली जिले के तारकेश्वर में पश्चिम बंगाल दिवस समारोह में भाग लेंगे।

वे पश्चिम बंगाल में कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे। वे इस अवसर पर सभा को भी संबोधित करेंगे।

21 जून को सुबह लगभग 6:30 बजे प्रधानमंत्री कोलकाता में आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित करेंगे।

इसके पश्‍चात, सुबह लगभग 9:15 बजे, प्रधानमंत्री कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित तीन नौसैनिक जहाजों-आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय का शुभारंभ करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

हुगली में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल दिवस समारोह में भाग लेंगे। राज्य स्तरीय समारोह हुगली के तारकेश्वर में आयोजित किए जा रहे हैं, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़ा एक ऐतिहासिक महत्व का स्थल है।

इस वर्ष के पश्चिम बंगाल दिवस का विषय: “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास,” राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक एकता और विकासात्मक आकांक्षाओं को दर्शाता है।

ये विकास परियोजनाए रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में फैली ये पहलें बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी, आजीविका में सुधार लाएंगी, किसानों के कल्याण को बढ़ाएंगी और राज्य भर में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस किस्त के अंतर्गत, देशभर के 94 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जाएगी।

अकेले पश्चिम बंगाल में ही 45 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की जाएगी, जिससे राज्य में इस योजना के अंतर्गत कुल वितरण राशि 15,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।

2019 में योजना के शुभारंभ के बाद से देशभर में कुल वितरण राशि 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में कई महत्वपूर्ण केंद्रीय कृषि योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन योजनाओं में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत एग्री स्टैक, प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का शुभारंभ करेंगे, जिससे विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना का लाभ राज्य के किसानों तक पहुंचेगा।

2026-27 के दौरान, इस पहल का उद्देश्य पश्चिम बंगाल राज्य में लगभग 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगभग 50 लाख किसानों को बीमा कवरेज प्रदान करना है, जिससे लगभग 28,140 करोड़ रुपये के अनुमानित बीमित मूल्य की फसलों की सुरक्षा हो सकेगी और किसानों को पर्याप्त प्रीमियम सब्सिडी के माध्यम से सहायता प्रदान की जा सकेगी।

डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत, प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में एग्रीस्टैक का शुभारंभ करेंगे। इसके अंतर्गत उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के अंतर्गत खरीद जैसी सत्यापित कृषि संबंधी सेवाओं के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में स्‍थायी, रसायन-मुक्त कृषि को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का शुभारंभ करेंगे, जो पारंपरिक भारतीय पद्धतियों पर आधारित है।

वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत वार्षिक कार्य योजना के अंतर्गत, राज्य 17,300 हेक्टेयर में फैले 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर स्थापित करेगा, साथ ही जैव-इनपुट संसाधन केंद्र बनाएगा और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखियों को सक्रिय करेगा।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) का कार्यान्वयन भी शुरू करेंगे।

प्रधानमंत्री दक्षिण 24 परगना के फ्रेजरगंज में आधुनिक और क्षमता-विस्तारित मत्स्य बंदरगाह और बीरभूम के सैंथिया में नवनिर्मित आधुनिक मछली बाजार का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री नादिया जिले के हरिंगहाटा में बकरियों के लिए स्थापित क्षेत्रीय वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला और वीर्य बैंक का भी उद्घाटन करेंगे।

पशुपालन एवं दुधारू विभाग के राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत स्थापित यह पूर्वी भारत की अपनी तरह की पहली सुविधा है और वैज्ञानिक पशुधन प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

प्रधानमंत्री लगभग 590 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और इन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री हावड़ा जिले में संकराइल-संतरागाछी लिंक लाइन परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त रेल गलियारों में से एक पर भीड़ कम करने, परिचालन दक्षता में सुधार करने और यात्री एवं मालगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रधानमंत्री हावड़ा में 300 बिस्तरों वाले नए संभागीय रेलवे अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, उन्नत निदान सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और आपातकालीन देखभाल सुविधाओं से सुसज्जित यह अस्पताल रेलवे लाभार्थियों और क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री पूर्वी मेदिनीपुर जिले में हौर और राधामोहनपुर के बीच बनने वाले ओवरब्रिज की आधारशिला भी रखेंगे। यह परियोजना रेल और सड़क दोनों उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाएगी और यातायात की सुचारू और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करेगी।

प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-III) के अंतर्गत विकसित 49 सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में फैली 315 किलोमीटर से अधिक की कुल लंबाई वाली ये परियोजनाएं ग्रामीण संपर्क को बेहतर बनाएंगी

कोलकाता में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी कोलकाता के रेड रोड से 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय आयोजन का नेतृत्व करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का विषय, “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग”, शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण, भावनात्मक दृढ़ता और सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देने में योग की भूमिका पर प्रकाश डालता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

योग दिवस समारोह विश्व भर में लगभग 2,500 स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें 210 से अधिक भारतीय दूतावासों और दूतावासों की भागीदारी है।

प्रधानमंत्री स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित तीन नौसैनिक जहाजों-उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस दूनागिरी, सर्वेक्षण पोत (बड़ा) आईएनएस संशोधक और पनडुब्बी रोधी उथले पानी के पोत आईएनएस अग्रय का भी शुभारंभ करेंगे।

इनके जुड़ने से देश की परिचालन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, समुद्री क्षेत्र के बारे में जागरूकता बढ़ेगी और भू-राजनीतिक खतरों के खिलाफ हमारे तटीय जलक्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी।

इन तीनों जहाजों को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया था और इनका निर्माण कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा किया गया था, जिसमें 200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित भारतीय उद्योग की व्यापक भागीदारी थी।

75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित ये जहाज आत्मनिर्भरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी हैं।