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रायपुर 22 जून 2026/ ETrendingIndia / Commencement of the 2026 Academic Session at IIM Raipur: Three-day orientation programme inaugurated for new MBA and PhD batches. भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (आईआईएम रायपुर) ने अपने प्रतिष्ठित एमबीए बैच 2026–28 और पीएचडी बैच 2026 के स्वागत हेतु तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया है।

इस उद्घाटन समारोह में उद्योग जगत के नामचीन विशेषज्ञों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों, शोधार्थियों तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम का उद्घाटन कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिनमें अमेरिका स्थित एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक जी. एस. राव (वर्चुअल माध्यम से), वनमैग्निफाई इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य अतिथि वेंकटेश किडांबी, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. संजीव प्रशर, डीन (अकादमिक) प्रो. एम. कन्नदासन, एमबीए कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. परीक्षित चरण, प्रवेश समिति अध्यक्ष प्रो. आर. के. जना तथा डॉक्टोरल कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. प्रद्युम्न दास विशेष रूप से शामिल रहे।

संस्थान के प्रभारी निदेशक प्रो. संजीव पराशर ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रबंधन शिक्षा के साथ आने वाले नए अवसरों, चुनौतियों और उत्तरदायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर प्रवेश समिति के अध्यक्ष प्रो. आर. के. जना ने बताया कि इस सत्र में देश के 28 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 336 विद्यार्थी शामिल हुए हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि इनमें से 110 विद्यार्थियों के पास पहले से कार्यानुभव है, जबकि 226 विद्यार्थी नवस्नातक हैं।

विशेष रूप से, इस पूरे बैच का औसत कैट (CAT) पर्सेंटाइल 89.56 रहा है और 10 विद्यार्थियों ने 99 पर्सेंटाइल से अधिक का असाधारण अंक प्राप्त किया है।

संस्थान ने अपने विकसित होते शोध पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती देते हुए पीएचडी बैच 2026 का भी गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस नए समूह में पाँच मुख्य शोध क्षेत्रों—ऑपरेशंस मैनेजमेंट एवं डिसीजन साइंसेज़, मानव संसाधन प्रबंधन एवं संगठनात्मक व्यवहार, विपणन, वित्त एवं लेखा, तथा रणनीति एवं उद्यमिता—के लिए कुल 13 उत्कृष्ट शोधार्थियों का चयन किया गया है।

यह विशिष्ट समूह आईआईएम अहमदाबाद, आईआईएम लखनऊ, आईआईएम अमृतसर, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी खड़गपुर, एनआईटी रायपुर एवं आईआईएसईआर तिरुपति जैसे देश के अग्रगण्य व प्रतिष्ठित संस्थानों के मेधावी विद्यार्थियों को एक मंच पर साथ लेकर आया है।

अमेरिका स्थित एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक जी. एस. राव ने तीव्र तकनीकी परिवर्तन के इस वर्तमान दौर में अनुकूलनशीलता, निरंतर सीखने और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व के महत्व पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि भविष्य के नेताओं के रूप में सीखने, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने और परिवर्तन के बीच नेतृत्व करने की क्षमता ही विद्यार्थियों की सफलता को परिभाषित करेगी, तकनीक भले ही बदलती रहे, लेकिन विवेकपूर्ण निर्णय, ईमानदारी और सार्थक प्रभाव उत्पन्न करने की प्रतिबद्धता जैसे गुण सदैव प्रासंगिक रहेंगे।

समारोह के मुख्य वक्ता और वनमैग्निफाई इंडिया के प्रबंध निदेशक वेंकटेश किडांबी ने भारत की तीव्र विकास यात्रा से उत्पन्न हो रहे नए अवसरों और वैश्विक व्यवसाय को नया आकार देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, धैर्य और दीर्घकालिक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।