रायपुर 25 जून 2026/ Venezuela Earthquake: Devastating earthquake in Venezuela…! Internet disruption poses a major challenge to relief operations.
Venezuela Earthquake : दक्षिण अमरीका के देश वेनेजुएला में बुधवार शाम 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आने से भारी तबाही मच गई।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह वर्ष 1900 के बाद देश का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। दोनों झटकों के बीच केवल 39 सेकंड का अंतर था, जिसे विशेषज्ञों ने दुर्लभ “अर्थक्वेक डबलट” बताया है।

164 से अधिक मौतें, सैकड़ों घायल
अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार, अब तक कम से कम 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 970 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राहत एजेंसियों का अनुमान है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
कई राज्यों में भारी तबाही
राजधानी कराकास के निकट ला ग्वायरा सहित ट्रूजिलो, काराबोबो और मिरांडा राज्यों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कई इमारतें ढह गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
बचाव दल और स्थानीय नागरिक टॉर्च तथा सीमित संसाधनों की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हैं। कई स्थानों पर लोग अपने परिजनों के सुरक्षित मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इंटरनेट और संचार व्यवस्था बनी चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट और मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध या संचार बाधित होने से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा के समय तेज और निर्बाध संचार व्यवस्था लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आपदा के समय क्यों है इंटरनेट भूमिका ?
त्वरित सूचना और चेतावनी
इंटरनेट के माध्यम से सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लोगों को भूकंप, बाढ़, चक्रवात या सुनामी जैसी आपदाओं की चेतावनी तुरंत भेज सकती हैं। इससे लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकते हैं।
राहत एवं बचाव कार्य में सहायता
बचाव दल इंटरनेट आधारित नक्शों, जीपीएस और ड्रोन तकनीक का उपयोग कर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करते हैं तथा फंसे हुए लोगों तक जल्दी पहुंचते हैं।
परिजनों को दें अपनी स्थिति की जानकारी
मोबाइल नेटवर्क होने पर लोग इंटरनेट आधारित मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप्स के जरिए अपने परिजनों को अपनी स्थिति की जानकारी दे सकते हैं।
प्रभावित लोग सोशल मीडिया, ई-मेल या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से आपातकालीन सहायता मांग सकते हैं। कई बार बचाव दल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर लोगों का पता लगाकर उनकी मदद करते हैं।
सही और प्रमाणित जानकारी
सरकारी एजेंसियां इंटरनेट के माध्यम से सही और प्रमाणित जानकारी जारी करती हैं, जिससे अफवाहों और गलत सूचनाओं को रोका जा सकता है।
भोजन, दवाइयों, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तथा वितरण की जानकारी इंटरनेट के जरिए साझा की जा सकती है, जिससे राहत कार्य अधिक प्रभावी बनता है।
इस प्रकार, आपदा के समय इंटरनेट केवल संचार का माध्यम नहीं बल्कि सूचना, समन्वय, राहत और बचाव कार्यों का एक महत्वपूर्ण उपकरण बन जाता है।
इसलिए संयुक्त राष्ट्र और आपदा विशेषज्ञ आपदा के दौरान इंटरनेट सेवाओं को चालू और सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर देते हैं।
पड़ोसी देशों तक महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके वेनेजुएला से बाहर भी महसूस किए गए। कोलंबिया की राजधानी Bogotá में कई इमारतें खाली कराई गईं और आपातकालीन अलार्म बज उठे। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
