अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नाकाबंदी मजबूत की, होर्मुज के आसपास 20 से अधिक युद्धपोत तैनात

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रायपुर, 10 अगस्त 2026 / ETrendingIndia / ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए नई शर्तें रखे जाने के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और नाकाबंदी को और मजबूत कर दिया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को बताया कि मध्य पूर्व में 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए हैं। इनमें अमेरिकी नौसेना का विध्वंसक पोत यूएसएस रॉस भी शामिल है।

अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सामाजिक माध्यम ‘एक्सÓ पर जानकारी देते हुए बताया कि यूएसएस रॉस पर तैनात अमेरिकी नौसैनिक क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियानों का हिस्सा हैं। कमान के अनुसार, यूएसएस रॉस उन 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोतों में शामिल है, जिन्हें मध्य पूर्व में विभिन्न सैन्य अभियानों के लिए तैनात किया गया है।

अमेरिकी केंद्रीय कमान के मुताबिक, अमेरिका ईरान के खिलाफ लागू नाकाबंदी को सख्ती से लागू कर रहा है। 9 अगस्त तक अमेरिकी कार्रवाई के दौरान 55 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया, जबकि दो जहाजों को नष्ट किया गया और दो जहाजों पर चढ़कर कार्रवाई की गई। अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में तेज हुई है, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए कई नई शर्तें सामने रखी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है और यहां किसी भी तरह की बाधा का अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा निकाय के सचिव मोहम्मद बाकर ज़ोलक़द्र ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं। इनमें अमेरिका की ओर से अरबों डॉलर का भुगतान, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और नाकाबंदी समाप्त करना प्रमुख मांगें हैं।

इसके अलावा ईरान ने अमेरिका से भविष्य में किसी भी तरह की धमकी समाप्त करने तथा ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई रोकने की मांग भी की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत मध्यस्थ के माध्यम से जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान के साथ समझौता अंतिम चरण में है। हालांकि, तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को दोबारा खोलना अमेरिका द्वारा उसकी प्रमुख शर्तें स्वीकार किए जाने पर निर्भर करेगा।

एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, यदि बिना किसी बाधा के वाणिज्यिक जहाजरानी बहाल करने को लेकर समझौते की घोषणा होती है, तो वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों पर लागू नाकाबंदी हटाने के लिए तैयार है।

इस घटनाक्रम के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के परिणाम पर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति भी निर्भर कर सकती है।A