रायपुर 30 जून 2026/ ETrendingIndia / “Morena’s Solar Battery Energy Storage System is revolutionary: Chief Minister Dr. Yadav”मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मुरैना की सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना युगांतरकारी है।
मध्यप्रदेश के सभी नागरिकों विशेषकर चंबल के निवासियों के लिए यह बधाई देने का विषय भी है। इस परियोजना में मात्र दो रुपए 70 पैसे प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है जो देश में अब तक की न्यूनतम दर और इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पूर्व राष्ट्रीय मानक से भी कम है।
परियोजना के विशेषता इसका अभिनव बैटरी मॉडल है जिसमें एक बैटरी का रोजाना 2 बार इस्तेमाल करना संभव होगा।
इसके साथ ही नीमच और शाजापुर सौर पार्कों को लोकार्पण इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एतिहासिक उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री भोपाल में देश में अपने तरह की अनूठी 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के पावर परचेज एग्रीमेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह एग्रीमेंट और 2 सौर पार्कों का लोकार्पण नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय घटना है।
यह एग्रीमेंट निरंतर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाते और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के पश्चात इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एक नई उपलब्धि है।
कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग श्री मनु श्रीवास्तव, एमडी म.प्र. ऊर्जा विकास निगम श्री अमित तोमर सहित आज सम्पन्न एग्रीमेंट से जुड़े संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।
ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में नया आयाम है मुरैना सोलर + बीईएसएस परियोजना
मुरैना सोलर + बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना के लिए पॉवर परचेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक नया आयाम है, जहाँ अक्षय ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा भंडारण एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्धता पर विशेष बल दिया जा रहा है।
इस परियोजना में ₹2.70 प्रति यूनिट की देश की अब तक की सबसे प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है, जो इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पूर्व राष्ट्रीय मानक से भी कम है।
शपरियोजना की निविदा प्रक्रिया में देश-विदेश की 16 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया तथा लगभग 12 घंटे तक चली प्रतिस्पर्धी बोली के परिणामस्वरूप यह ऐतिहासिक टैरिफ प्राप्त हुआ।
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका अभिनव बैटरी उपयोग मॉडल है, जिसमें एक ही बैटरी का प्रतिदिन 2 बार उपयोग किया जाएगा। इससे बैटरी असैट्स की उत्पादकता बढ़ी तथा ऊर्जा भंडारण की लागत में उल्लेखनीय कमी आई।
बैटरी ऊर्जा भंडारण के साथ अक्षय ऊर्जा अब अधिक किफायती और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक बनती जा रही है।
स्थापित क्षमता से सुनिश्चित आपूर्ति की दिशा में अग्रसर
प्रदेश अब केवल स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अब प्रदेश में विश्वसनीय एवं सुनिश्चित विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। ऊर्जा भंडारण राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का प्रमुख आधार बन चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में घोषित विज़न के अनुरूप राज्य ने 4 घंटे एवं 6 घंटे ऊर्जा भंडारण आधारित अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की निविदाएँ जारी कर दी हैं, जिन्हें उद्योग जगत से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।
इसके साथ ही भारत की अग्रणी 24×7 राउंड-द-क्लॉक अक्षय ऊर्जा परियोजना की दिशा में भी राज्य आगे बढ़ चुका है, जिसकी प्री-बिड बैठक आगामी एक जुलाई 2026 को आयोजित होगी।
प्रक्रियाओं को बनाया सरल, प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण
प्रदेश सरकार ने परियोजना स्वीकृति, भूमि आवंटन तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध बनाया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग परियोजना की अवधारणा से लेकर कमीशनिंग तक निवेशकों को सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहा है।
किसानों को दिन में भी होगी विद्युत आपूर्ति
प्रदेश में 4,022 मेगावॉट फीडर सौर ऊर्जीकरण कार्यक्रम की निविदा में ₹2.40 प्रति यूनिट की रिकॉर्ड न्यूनतम दर प्राप्त हुई है। किसानों को दिन के समय गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत उपलब्ध होगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।
20 हजार मेगावॉट का लक्ष्य, हरित ऊर्जा राजधानी बनने की दिशा में अग्रसर प्रदेश
राज्य में वर्तमान में सौर, पवन, बैटरी ऊर्जा भंडारण तथा पम्प्ड स्टोरेज की अनेक परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। आगामी वर्षों में 20 हजार मेगावॉट से अधिक अतिरिक्त अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य की परियोजनाओं और पीपीए हस्ताक्षर से स्पष्ट है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज मध्यप्रदेश स्वच्छ, सस्ती एवं विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा, हरित विकास तथा “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
