Uniform Civil Code (UCC): Major decision by the Suvendu government...! A committee headed by Justice Ranjana Desai has been formed... it will submit its report within four weeks... the bill will be tabled during the August assembly session.
Uniform Civil Code-UCC
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कोलकाता, 30 जून 2026/ Uniform Civil Code (UCC): Major decision by the Suvendu government…! A committee headed by Justice Ranjana Desai has been formed… it will submit its report within four weeks… the bill will be tabled during the August assembly session.

Uniform Civil Code-UCC : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा की। समिति को चार सप्ताह के भीतर यूसीसी का मसौदा तैयार कर सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2 जुलाई को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तावित ड्राफ्ट पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद अंतिम रूप देकर इसे अगस्त में होने वाले विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।

सरकार के अनुसार प्रस्तावित कानून गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल 2026, असम UCC कानून और उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड एक्ट 2024 के मॉडल पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी आदिवासी, स्वदेशी, कुड़मी और अन्य मान्यता प्राप्त प्राचीन समुदायों को इस कानून से छूट दी जाएगी।

प्रस्तावित यूसीसी कानून के तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक कानून से जुड़े मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। वर्तमान में ये विषय अलग-अलग धार्मिक पर्सनल लॉ के तहत संचालित होते हैं।

UCC लागू होने पर क्या बदल सकता है?

  • विवाह और तलाक के लिए समान नियम
  • उत्तराधिकार और संपत्ति बंटवारे में एक जैसी व्यवस्था
  • गोद लेने और भरण-पोषण के समान प्रावधान
  • सभी नागरिकों के लिए एक समान पारिवारिक कानून
  • कुछ पारंपरिक और जनजातीय समुदायों को मिलेगी छूट