Iran Crisis: Major threat looms over Khamenei's funeral...! Fears of 3,000 deaths.
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रायपुर, 05 जुलाई 2026/ Iran Crisis: Major threat looms over Khamenei’s funeral…! Fears of 3,000 deaths.

Iran Crisis : ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई को विदाई दे रहा है। देशभर में उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में जारी हैं। सुरक्षा से लेकर तमाम इंतजाम किए गए हैं, लेकिन प्रशासन ने कथित तौर पर हजारों लोगों की मौतों को लेकर भी तैयारी की है।

एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि शव के अंतिम दर्शन की अवधि के दौरान 1,500 से 3,000 लोगों की मौत हो सकती है।

3,000 लोगों की जान पर खतरे का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी रेड क्रिसेंट और राष्ट्रीय संकट प्रबंधन संगठन के एक गोपनीय पत्र में अनुमान लगाया गया है कि पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने की अवधि के दौरान 1,500 से 3,000 लोगों की मौत हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नगरपालिका अधिकारियों ने अंतिम दर्शन के जुलूस के दौरान बड़े पैमाने पर हताहत होने की स्थिति में आकस्मिक योजनाएं तैयार कर ली हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान नगर पालिका ने मृतकों और लापता लोगों के लिए पहले ही एक विशेष इकाई का गठन कर लिया है और शहर के बेहेश्ट-ए जहरा कब्रिस्तान में हजारों नई कब्रें तैयार की हैं। एक कर्मचारी ने कहा, तैयार की गई कब्रें वास्तव में मौजूद हैं। जिम्मेदार लोगों को बताया गया था कि 3,000 तक की मौतों को संभाला जा सकता है।

इतनी बड़ी भीड़ और भीषण गर्मी में, कोई नहीं जानता कि क्या होगा। खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान 2 करोड़ लोगों के जुटने का अनुमान है। इसे लेकर हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध, हजारों बसों की तैनाती, अस्थायी रसोईघर और लोगों के ठहरने के लिए स्कूलों-मस्जिदों में इंतजाम किए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

भगदड़ जैसी स्थितियों के जोखिम को कम करने के लिए 24 घंटे मेट्रो और बस सेवाएं मुफ्त की गई हैं। तेहरान के सभी 22 जिलों ने अग्निशमन सेवाओं, पार्क विभागों, परिवहन प्राधिकरणों और निर्माण इकाइयों के लिए अतिरिक्त धनराशि आवंटित की है। ईरान में कई प्रतिष्ठित राजकीय अंत्येष्टि समारोहों के दौरान भगदड़ मची है। 2020 में करमान में आईआरजीसी कमांडर कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान भगदड़ मचने से 56 लोग मारे गए थे और 200 से ज्यादा घायल हुए थे।

1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार के दौरान भी भगदड़ मची थी। तब 8 लोग मारे गए थे और 11,000 से ज्यादा घायल हो गए थे। 3 जुलाई से खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। पहले दिन भारत समेत दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव को आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया।

आज उनके अंतिम संस्कार की नमाज तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में अदा की जाएगी। इसके बाद तेहरान और कोम में अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा। फिर शव को इराक ले जाया जाएगा। 9 जुलाई को उनका शव मशहद में दफनाया जाएगा।