Jodhpur
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रायपुर, 11 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / An 80-year-old Irish citizen saved the stepwells of Jodhpur… Anand Mahindra said – salute to such people. राजस्थान के जोधपुर में एक 80 वर्षीय आयरिश नागरिक ने अपनी अनोखी सेवा से सभी का दिल जीत लिया है।

पागल साब’ …10 से अपने हाथों से कर रहे है प्राचीन बावड़ियों की सफाई

एडमंड रॉन्सली (Edmund Rawnsley), जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से ‘पागल साब’ कहते हैं, पिछले 10 से अधिक वर्षों से अपने हाथों से शहर की उपेक्षित और गंदगी से भरी प्राचीन बावड़ियों की सफाई कर रहे हैं।

रॉन्सली ने अब तक कई ऐतिहासिक बावड़ियों से कचरा, झाड़ियां और मलबा हटाकर उन्हें फिर से साफ और उपयोगी बनाने में योगदान दिया है।

उद्देश्य – भारत की समृद्ध जल विरासत और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना

उनका उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध जल विरासत और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना भी है।

महिंद्रा समूह के चेयरमैन Anand Mahindra ने सोशल मीडिया पर रॉन्सली के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें सलाम किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हमें अपनी विरासत की रक्षा करने और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने की प्रेरणा देते हैं।

राजस्थान की पारंपरिक बावड़ियां कभी जल संरक्षण का प्रमुख साधन थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन ऐतिहासिक जल संरचनाओं का संरक्षण आज भी जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रॉन्सली की कहानी यह संदेश देती है कि किसी देश की संस्कृति और धरोहर की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है.

विदेशी नागरिक का समर्पण, देशवासियों के लिए बना प्रेरणा

एक विदेशी नागरिक द्वारा भारतीय विरासत के लिए किया गया यह समर्पण देशवासियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।