Hormuz
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रायपुर,13 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “‘Dark crossings’ surge in Strait of Hormuz: Ships turn off tracking systems amid US-Iran tensions” होर्मुज डार्क क्रॉसिंग के मामलों में तेजी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कई व्यावसायिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते समय अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) को बंद कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जहाज मालिक संभावित सुरक्षा जोखिमों से बचने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।

सभी छह मालवाहक जहाजों ने बंद रखा ट्रांसपोंडर

जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली कंपनी Kpler के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी छह कमोडिटी कैरियर ने अपने ट्रांसपोंडर बंद रखे। इस तरह की गतिविधि को “डार्क क्रॉसिंग” कहा जाता है, जिसमें जहाज अपनी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक ट्रैकिंग सिस्टम पर प्रसारित नहीं करते। हाल के दिनों में होर्मुज डार्क क्रॉसिंग की संख्या सामान्य ट्रैक किए गए मार्गों से अधिक बताई जा रही है।

AIS डेटा में नहीं दिखे जहाज, फिर भी पहुंचे गंतव्य तक

ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह जलडमरूमध्य से गुजरते हुए कोई जहाज दिखाई नहीं दिया। हालांकि, कुछ समय बाद वही जहाज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के दूसरी ओर दिखाई दिए। इससे संकेत मिलता है कि उन्होंने बीच का रास्ता AIS सिग्नल बंद करके तय किया। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज डार्क क्रॉसिंग अब सुरक्षा कारणों से तेजी से अपनाई जा रही रणनीति बनती जा रही है।

वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ी चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल और गैस की बड़ी मात्रा गुजरती है। यदि इस मार्ग पर तनाव लगातार बढ़ता है, तो ऊर्जा आपूर्ति, शिपिंग लागत और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है। अंत में, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते होर्मुज डार्क क्रॉसिंग की घटनाएं बढ़ने से समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।