India's first hydrogen train
India's first hydrogen train
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रायपुर,13 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “India’s first hydrogen train to run from July 17; will cover 89 km journey between Jind and Sonipat in 2 hours” भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 17 जुलाई को देश को नई हरित परिवहन तकनीक की सौगात देने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच नियमित सेवा में चलेगी। इस पहल का उद्देश्य रेलवे में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।

89 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे में होगी पूरी

रेलवे बोर्ड द्वारा 8 जुलाई को उत्तरी रेलवे को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इस तरह भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 89 किलोमीटर की दूरी लगभग 2 घंटे में तय करेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होकर दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी।

12 स्टेशनों पर होगा ट्रेन का ठहराव

यह ट्रेन मार्ग में कुल 12 मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भांभेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बरवासनी स्टेशन शामिल हैं। इससे मार्ग के यात्रियों को भी इस नई तकनीक आधारित ट्रेन का लाभ मिलेगा।

हरित रेलवे की दिशा में बड़ा कदम

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन भारतीय रेलवे के हरित ऊर्जा मिशन की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेनें डीजल ट्रेनों की तुलना में पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल होती हैं। इससे प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में रेलवे के ऊर्जा खर्च को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

रेलवे के आधुनिकीकरण को मिलेगी नई गति

अंत में, भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन रेलवे के आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में देश के अन्य रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन तकनीक आधारित ट्रेनों का विस्तार किया जा सकता है। इससे भारतीय रेलवे को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी।