रायपुर,13 जुलाई 2026/ ETrendingIndia / “Trump imposes naval blockade on Iranian ships again; Hormuz crisis sparks surge in oil prices” होर्मुज तेल संकट एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जहाजों के खिलाफ नौसैनिक प्रतिबंध (Naval Blockade) दोबारा लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध केवल ईरान के जहाजों और उनसे जुड़े ग्राहकों पर लागू होगा, जबकि अन्य देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य रूप से गुजरने की अनुमति रहेगी। इसके साथ ही ईरान से जुड़े माल पर 20 प्रतिशत कार्गो शुल्क लगाए जाने की भी घोषणा की गई।
ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतों में 5% से अधिक उछाल
ट्रंप की घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेज़ उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड लगभग 5.3 प्रतिशत बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 5.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75.18 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। होर्मुज तेल संकट के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है, क्योंकि यह जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है।
सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा सैन्य तनाव
अमेरिका का यह फैसला ऐसे समय आया है जब सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई हुई थी। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर हमले किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर नौसैनिक प्रतिबंध बहाल करने की घोषणा की। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य ईरान के समुद्री व्यापार को सीमित करना है, जबकि अन्य देशों के लिए समुद्री मार्ग खुला रहेगा।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर रहेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज तेल संकट लंबे समय तक बना रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी से परिवहन, विनिर्माण और ईंधन लागत प्रभावित हो सकती है। अंत में, निवेशकों और तेल आयात करने वाले देशों की नजर अब अमेरिका-ईरान तनाव के अगले घटनाक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर बनी हुई है।
