रायपुर, 22 जुलाई 2026 / ETrendingIndia / “Trump’s new tariff announcement: Warning of 200% duty on generic medicines… temporary relief of 2 years for India” रूसी हमले में भारतीयों की मौत , अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ को लेकर बड़ा ऐलान किया है। कनाडा पर 50 % टैरिफ की घोषणा के बाद अब उन्होंने अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से 200 % तक टैरिफ लगाने की योजना पेश की है। हालांकि भारत के लिए राहत की बात यह है कि अगले दो वर्षों तक इन दवाओं पर 0 % टैरिफ लागू रहेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि 1 अगस्त से अगले दो वर्षों तक जेनेरिक दवाओं पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इसके बाद तीसरे वर्ष 100% और फिर 200% तक टैरिफ लागू किया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका में वापस लाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अमेरिका में उत्पादन इकाइयां स्थापित नहीं करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी।
भारत को दुनिया की ‘फार्मेसी’ कहा जाता है। अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली हर पांच जेनेरिक दवाओं में से एक भारत में बनती है।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर की जेनेरिक दवाएं निर्यात कीं, जो भारत के कुल दवा निर्यात 25.8 अरब डॉलर का लगभग 38 % है।
भारत हर साल अमेरिका को 10 अरब डॉलर से अधिक की जेनेरिक दवाएं निर्यात करता है। ऐसे में ट्रंप के नए ऐलान से तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि अगले दो वर्षों तक भारतीय दवा कंपनियां बिना अतिरिक्त टैरिफ के निर्यात जारी रख सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि दो वर्षों की यह छूट भारतीय दवा कंपनियों को भविष्य की रणनीति तैयार करने का अवसर देगी। इस दौरान वे अमेरिका में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने, स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाने और संभावित ऊंचे टैरिफ के प्रभाव को कम करने की दिशा में कदम उठा सकती हैं।
अमेरिकी फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, अमेरिका में बिकने वाली 90 % से अधिक दवाएं जेनेरिक हैं।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह नई नीति केवल जेनेरिक दवाओं पर लागू होगी, जबकि पेटेंट, ब्रांडेड और इनोवेटिव दवाओं की मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
