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रायपुर, 04 सितंबर / ETrendingIndia / नेपाल और तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई भयावह बाढ़ के 9 दिन बाद शुक्रवार को रसुवा जिले में स्थित त्रिशुली 3ए जलविद्युत संयंत्र के सुरंग से 2 लोगों को बचाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बचाव दल ने सुरंग के अंदर से आवाजें सुनी थी, जिसके बाद टीम ने 2 लोगों को खोजा और उनको बाहर निकाला। सुरंग से और भी लोगों की आवाजें सुनी गई हैं। इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्रीराम नेउपाने ने फेसबुक पर जानकारी दी कि बचाए गए 2 श्रमिकों की पहचान संजय साह और कबीर महर्जन हैं।
साह मैकेनिकल फोरमैन और महर्जन मैकेनिकल सुपरवाइजर हैं। पहले साह को बाहर लाया गया, फिर महर्जन को निकाला गया। श्रीराम एक इंजीनियर होने के साथ ही बचाव दल में भी शामिल हैं।


दो लोगों को सुरक्षित बचाने के बाद बचाव दल की उम्मीद जगी है।


नेपाउने ने फेसबुक पर बताया कि बचावकर्मी जैसे-जैसे सुरंग में आगे बढ़ते गए, उन्होंने अंदर से एक से अधिक आवाजें सुनाई दे रही थी। इसके बाद बचाव अभियान तेज कर दिया गया। उन्होंने बताया, बचाव दल से सूचना मिली है कि अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। जब बचाव दल ने कहा, घबराएं नहीं, हम आपको बचा रहे हैं। तब अंदर से आवाज आई, ठीक है। इसके बाद बचाव दल ने सुरंग में संपर्क स्थापित किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को एयरलिफ्ट करके काठमांडू ले जाया गया। साह का इलाज छाउनी स्थित बीरेंद्र आर्मी अस्पताल में किया जाएगा, जबकि महर्जन को राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर ले जाया जाएगा।


महर्जन की पत्नी ने कहा, उनको नया जीवन मिला है, हम सब इंतजार कर रहे थे। यह एक या दो दिन की बात नहीं थी। हम न खा पा रहे थे, न सो पा रहे थे। हमें विश्वास था कि वह अभी भी अंदर है और वापस आएगा।


आपदा के बाद से, त्रिशुली-3ए से 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि नेपाल में कुल 6 जलविद्युत संयंत्रों से 900 से अधिक श्रमिक लापता हैं। उनमें से कुछ ही अभी तक बच पाए हैं।


26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने त्रिशुली नदी घाटी में तबाही मचा दी, जिसमें 1,252 लोगों की मौत हो गई और बिजली परियोजनाएं और महत्वपूर्ण सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। नेपाल में विदेशियों समेत 4,500 से अधिक लोग लापता हैं।


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