PM e-Drive Scheme
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रायपुर, 29 जुलाई / ETrendingIndia / देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेज़ी से बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। ₹10,900 करोड़ की इस योजना के तहत अब तक 23 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जा चुका है।

सरकार चार्जिंग नेटवर्क, ई-बसों, बैटरी निर्माण और घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही है।

23 लाख से अधिक EV को मिला प्रोत्साहन

22 जुलाई 2026 तक 23.22 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को योजना का लाभ मिला।
वाहन निर्माताओं को ₹2,281.94 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी की गई।

सबसे अधिक लाभ इलेक्ट्रिक दोपहिया और L5 श्रेणी के तीनपहिया वाहनों को मिला।

चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार

देशभर में चार्जिंग अवसंरचना के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान।

अब तक 6,562 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹689 करोड़ स्वीकृत।

3 तेल विपणन कंपनियों और 9 राज्यों में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जारी।

14 हजार ई-बसों की दिशा में बड़ा कदम

योजना के तहत 14,000 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित।

13,800 बसों के लिए मात्रा पुष्टि पत्र जारी।

सूरत और हैदराबाद में सैकड़ों ई-बसों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू।

‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बल

योजना के तहत पंजीकृत कंपनियां स्थानीय स्तर पर ईवी निर्माण कर रही हैं।

सरकार बैटरी निर्माण के लिए ₹18,100 करोड़ की PLI योजना भी चला रही है।

लक्ष्य देश में 50 GWh क्षमता की एडवांस्ड बैटरी निर्माण इकाइयों का विकास है।

EV अपनाने में तेज़ बढ़ोतरी, हिस्सेदारी बढ़कर 8.2%

सरकार के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2019-20 में 0.7% से बढ़कर 2025-26 में 8.2% हो गई है।
इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है।

छोटे शहरों तक पहुंचेगी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी

पीएम ई-ड्राइव योजना टियर-2, टियर-3 शहरों और आकांक्षी जिलों सहित पूरे देश में लागू है।
इसका उद्देश्य विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा देना है।