भारत तेजी से दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों, प्राकृतिक विविधता, आधुनिक कनेक्टिविटी और डिजिटल सुविधाओं के कारण देश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सरकार का लक्ष्य पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास का मजबूत आधार बनाना है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा पर्यटन
2024 में 2.9 अरब घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं।
2025 में 2.02 करोड़ विदेशी पर्यटक भारत आए।
2025 में पर्यटन से 31.7 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आय हुई।
2023-24 में पर्यटन क्षेत्र का GDP में 15.73 लाख करोड़ रुपये (5.22%) का योगदान रहा।
इस क्षेत्र ने 8.46 करोड़ रोजगारों को समर्थन दिया।
विरासत और प्रकृति बनी सबसे बड़ी ताकत
भारत में 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं।
106 राष्ट्रीय उद्यान और 18 बायोस्फीयर रिजर्व प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।
योग, आयुर्वेद, हस्तशिल्प, त्योहार और विविध व्यंजन भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत बना रहे हैं।

आध्यात्मिक पर्यटन को नई उड़ान
अयोध्या, काशी, चारधाम, बोधगया, अमृतसर, तिरुपति और पुरी जैसे धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
बौद्ध सर्किट को अंतरराष्ट्रीय तीर्थ पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने पर विशेष जोर है।
हर रुचि के लिए पर्यटन
मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म
इको एवं वन्यजीव पर्यटन
ग्रामीण और होमस्टे पर्यटन
एडवेंचर, क्रूज और तटीय पर्यटन
MICE (मीटिंग, सम्मेलन और प्रदर्शनी) पर्यटन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।

बेहतर कनेक्टिविटी से आसान सफर
वंदे भारत ट्रेनें, आधुनिक रेलवे स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग पर्यटन को गति दे रहे हैं।
‘विकसित उड़ान’ योजना के तहत 100 से अधिक नए एरोड्रम और 200 से अधिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।
175 देशों के नागरिकों के लिए ई-टूरिस्ट वीजा सुविधा उपलब्ध है।
पर्यटन अवसंरचना में बड़ा निवेश
स्वदेश दर्शन और स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत देशभर में पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं।
प्रशाद योजना से प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास हो रहा है।
राज्यों में प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
डिजिटल और स्टार्टअप से नया बदलाव
NIDHI+ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से पर्यटन सेवाएं ऑनलाइन और पारदर्शी हुईं।
पर्यटन क्षेत्र में 1,497 स्टार्टअप नवाचार और रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं, जिनमें 58% टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं।

सतत और समावेशी पर्यटन पर फोकस
स्थानीय समुदायों, होमस्टे, हस्तशिल्प और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता।
‘Travel for LiFE’ अभियान के माध्यम से जिम्मेदार और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा।
भारत अब केवल ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक अवसंरचना, डिजिटल सेवाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सतत विकास के मॉडल के साथ वैश्विक पर्यटन महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
