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रायपुर, 31 जुलाई / ETrendingIndia / देश में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार जल मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

राष्ट्रीय जल मेट्रो दिशानिर्देश-2026 तैयार किए जा रहे हैं, जबकि 18 शहरों में जल मेट्रो की संभावनाओं का अध्ययन किया गया है। इससे शहरी यातायात को नया विकल्प मिलेगा और प्रदूषण भी कम होगा।

18 शहरों में जल मेट्रो की तैयारी

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने 18 स्थानों पर जल मेट्रो परियोजनाओं का व्यवहार्यता अध्ययन शुरू किया है, जिनमें से 15 अध्ययन पूरे हो चुके हैं।

आएंगे राष्ट्रीय जल मेट्रो दिशानिर्देश

सरकार ऐसे दिशा-निर्देश तैयार कर रही है जिनमें योजना, सुरक्षा, संचालन, वित्तपोषण, पर्यावरण संरक्षण और विभिन्न मंत्रालयों के समन्वय का स्पष्ट ढांचा होगा।

हरित तकनीक पर रहेगा जोर

नई जल मेट्रो प्रणाली में कम या शून्य उत्सर्जन वाली तकनीक अपनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिले।

कई शहरों में पहले से सेवा शुरू

सरकार की अन्य पहलों के तहत वाराणसी, अयोध्या, पटना और कोलकाता में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक पोत संचालित किए जा रहे हैं।

वाराणसी में हाइड्रोजन फ्यूल सेल पोत भी सेवा में शामिल है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण ?

जल मेट्रो से सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा, प्रदूषण कम होगा, यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी और जलमार्ग आधारित शहरी परिवहन को नई गति मिलेगी।