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रायपुर, 31 जुलाई / ETrendingIndia / बिहार के प्रसिद्ध मखाने ने वैश्विक बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एपीडा (APEDA) की मदद से दरभंगा से पहली बार 7 मीट्रिक टन फ्लेवर वाले वैल्यू-एडेड मखाने की समुद्री खेप कनाडा भेजी गई।

इस पहल से मखाना किसानों की आय में 50% से अधिक बढ़ोतरी हुई है और बिहार की कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।

कनाडा पहुंचा बिहार का फ्लेवर वाला मखाना

29 जुलाई 2026 को दरभंगा से पहली समुद्री खेप रवाना हुई। 7 मीट्रिक टन मखाना दो कंटेनरों में मुंद्रा बंदरगाह के माध्यम से कनाडा भेजा गया। खेप कनाडा की कंपनी ZKV Foods को भेजी गई।

किसानों की आय में 50% से अधिक बढ़ोतरी

फ्लेवर और वैल्यू-एडिशन के कारण किसानों को पहले की तुलना में अधिक कीमत मिली।
प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात से मखाना उत्पादन अधिक लाभकारी बना।

बिहार बना वैल्यू-एडेड फूड प्रोसेसिंग का केंद्र

मखाने की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुसार की गई। इससे बिहार की खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता को नई पहचान मिली।

दुनिया में बढ़ रही है भारतीय मखाने की मांग

स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक स्नैक होने के कारण विदेशों में मखाने की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

फ्लेवर वाले मखाने से नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खुलने की उम्मीद है।

एपीडा का बड़ा योगदान

एपीडा ने निर्यातकों, किसानों, एफपीओ और प्रसंस्करण इकाइयों के साथ मिलकर इस निर्यात को सफल बनाया।

संस्था गुणवत्ता, निर्यात सुविधा और नए बाजार उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

क्यों है यह उपलब्धि खास ?

बिहार के प्रीमियम कृषि उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती मिलेगी।

किसानों, प्रसंस्करण उद्योग और निर्यातकों के लिए स्थायी आय और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

भारत के वैल्यू-एडेड कृषि निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।