रायपुर, 31 जुलाई / ETrendingIndia / धमतरी जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने नाबालिगों के वाहन चलाने के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है।
₹25 हजार तक जुर्माना लगेगा
पहली बार समझाइश दी जाएगी, लेकिन दोबारा उल्लंघन पर पालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, ₹25 हजार तक जुर्माना और तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान लागू होगा।
स्कूलों को कड़े निर्देश
सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश कि कोई भी नाबालिग छात्र वाहन लेकर स्कूल न आए।
वाहन लेकर आने पर पालकों को तत्काल सूचना देने और प्रशासन को जानकारी भेजने के निर्देश।
पालक-शिक्षक बैठक और जागरूकता अभियान
सभी स्कूलों में जल्द पालक-शिक्षक बैठक आयोजित होगी।
अभिभावकों को सड़क सुरक्षा, मोटर वाहन कानून और सुरक्षित परिवहन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
स्कूल बस, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुरक्षित व्यवस्था अपनाने पर जोर।
दोबारा गलती पर सख्त कार्रवाई
पहली बार पकड़े जाने पर पालकों को बुलाकर समझाइश दी जाएगी।
दोबारा नाबालिग वाहन चलाते मिले तो पालकों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत ₹25,000 तक जुर्माना, तीन साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान।
36 स्कूलों में पहुंचा जागरूकता अभियान
जिले के 36 स्कूलों में विशेष अभियान चलाया गया।
10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
स्कूलों के आसपास भी बढ़ेगी निगरानी
स्कूलों के आसपास नशे के कारोबार, असामाजिक गतिविधियों और असुरक्षित माहौल पर सख्त कार्रवाई होगी।
योग, खेलकूद, नैतिक शिक्षा और यातायात जागरूकता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
क्यों है यह महत्वपूर्ण ?
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है। प्रशासन का यह अभियान बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने, अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने और सड़क सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
