Korea Forest DivisionKorea Forest Division
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रायपुर, 15 सितंबर / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ के कोरिया वनमंडल (बैकुंठपुर) के तहत आने वाले विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों मे हाथियों का आगमन हुआ है। हाथियों की मौजूदगी की खबर मिलते ही वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और मैदानी स्तर पर सुरक्षा व निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग के आला अधिकारियों सहित पूरा अमला लगातार फील्ड में डटा हुआ है। प्रभावित गांवों में कराई जा रही मुनादीवन परिक्षेत्र अधिकारी बैकुंठपुर, परिक्षेत्र सहायक और सलवा व देवरी के परिसर रक्षकों की संयुक्त टीम हाथी प्रभावित क्षेत्रों में पल-पल की निगरानी कर रही है।

विभाग द्वारा क्षेत्र के सलवा, सलका, मेको, बकिरा, पर्चा बस्ती, सरईगहना, रोबो और मनसुख जैसे संवेदनशील गांवों में लगातार मुनादी (डोंडी पिटवाकर घोषणा) कराई जा रही है ताकि ग्रामीण पहले से सतर्क रहें।जंगल न जाने और हाथियों से दूरी बनाने की समझाइशवन अमले द्वारा प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी जा रही है।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी है कि वे वर्तमान स्थिति को देखते हुए अकेले जंगल की ओर रुख न करें। इसके साथ ही रात के समय घरों से बाहर न निकलने, हाथियों को न उकसाने या उनके करीब जाकर सेल्फी आदि न लेने की अपील की गई है। फील्ड में डटे अधिकारी, फसलों के नुकसान पर नजरहाथियों का यह दल खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इसे देखते हुए वन विभाग और विद्युत विभाग की टीमें संयुक्त रूप से मैदानी स्तर पर सक्रिय हैं।

अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की हर गतिविधि पर ड्रोन व अन्य माध्यमों से नजर रखी जा रही है। हाथियों के विचरण से होने वाले फसलों व अन्य नुकसान का आकलन कर शासन के नियमानुसार उचित मुआवजे की त्वरित कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत नजदीकी वन कर्मी को सूचित करें।


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