रायपुर, 03 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने ‘ऑपरेशन वज्र’ के तहत बिहार में नकली और अवैध दवाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गया और पटना (मसौढ़ी) में आठ अवैध गोदाम और एक गैर-कानूनी दवा निर्माण इकाई का खुलासा हुआ।#
कार्रवाई में भारी मात्रा में नशीली व नकली दवाएं, मशीनरी और रसायन जब्त किए गए हैं, जबकि गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सरगना गिरफ्तार, खुला पूरे नेटवर्क का राज
22 जुलाई को मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अहम सुराग मिले। इसी आधार पर सीबीएन ने पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर लगातार छापेमारी की।
भारी मात्रा में नकली और नशीली दवाएं बरामद
गया के गोदामों से 68,200 ट्रामाडोल टैबलेट, 52,542 कोडीन सिरप की बोतलें, हजारों अन्य टैबलेट, 21,373 ब्यूप्रेनोर्फिन इंजेक्शन और बड़ी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की गईं।
फार्महाउस में चल रही थी अवैध फैक्ट्री
पटना के मसौढ़ी के पास एक फार्महाउस में गैर-कानूनी दवा निर्माण इकाई संचालित हो रही थी। यहां से मशीनें, रसायन, उपकरण और फ्लेवरिंग एजेंट जब्त कर पूरी फैक्ट्री सील कर दी गई।
राज्य औषधि विभाग को सौंपी गई कार्रवाई
जब्त दवाओं और सील किए गए गोदामों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार राज्य औषधि प्रशासन को सौंप दिया गया।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों के संकेत
सीबीएन के अनुसार यह कार्रवाई 2025 में दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है। एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं और आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
