रायपुर, 03 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / धमतरी जिले में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। वीबी-जी रामजी योजना के तहत जिले के 357 जल स्रोतों पर सैंड फिल्टर बनाए जाएंगे।
करीब 1.86 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस कार्य से वर्षा जल का बेहतर प्रबंधन, जल स्रोतों की स्वच्छता और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा।
185.64 लाख रुपये स्वीकृत
जिले के 357 तालाब, कुएं और अन्य सामुदायिक जल स्रोतों पर सैंड फिल्टर बनाए जाएंगे। इसके लिए 185.64 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
चार विकासखंडों को मिलेगा लाभ
धमतरी – 78 कार्य
कुरूद – 124 कार्य
मगरलोड – 48 कार्य
नगरी – 107 कार्य
जल स्रोत रहेंगे स्वच्छ और सुरक्षित
सैंड फिल्टर वर्षा जल के साथ आने वाली मिट्टी, गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरे को रोकेंगे, जिससे जल स्रोतों में गंदगी कम होगी और पानी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी।
भू-जल स्तर बढ़ाने में मिलेगी मदद
यह तकनीक वर्षा जल को जमीन में समाहित होने में मदद करेगी, जिससे भू-जल पुनर्भरण बढ़ेगा और भविष्य में पेयजल संकट कम करने में सहायता मिलेगी।
कृषि और पर्यावरण को भी लाभ
स्वच्छ जल स्रोतों से कृषि, मत्स्य पालन और ग्रामीण आजीविका को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही पशु-पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
जनभागीदारी से बनेगा जल संरक्षण अभियान
निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से होंगे। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और जल समितियों से सैंड फिल्टर के नियमित रखरखाव और स्वच्छता सुनिश्चित करने की अपील की है।
सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कलेक्टर अविनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने और संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी-6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
