Share This Article रायपुर, 21 अगस्त 2026/ India-Japan Defence Cooperation : भारत और जापान ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी के बीच हुई वार्ता के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नौवहन और हवाई मार्गों की स्वतंत्रता एवं सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया। साथ ही बल या दबाव के जरिए मौजूदा स्थिति बदलने के प्रयासों के खिलाफ भी कड़ा रुख जाहिर किया। चीन को लेकर बढ़ी रणनीतिक चिंता भारत और जापान ने संयुक्त बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन दोनों देशों का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर क्षेत्रीय चिंताएं बढ़ी हुई हैं। दोनों रक्षा मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और स्वतंत्र नौवहन के महत्व पर जोर दिया। जापानी रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी का यह पहला भारत दौरा है। नौसैनिक पोत निर्माण में मिलकर काम करेंगे भारत-जापान समुद्री सुरक्षा समझौता दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा उपलब्ध कराएगा। भारत और जापान ने नौसैनिक पोतों के डिजाइन और निर्माण में संयुक्त विकास की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति जताई है। इस सहयोग में जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। इससे दोनों देशों की रक्षा औद्योगिक साझेदारी को भी मजबूती मिल सकती है। खुफिया और रक्षा तकनीक पर भी बढ़ेगा सहयोग दोनों देशों ने खुफिया जानकारी, उपकरण, तकनीक और रक्षा उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक कार्य समूह स्थापित करने पर सहमति जताई है। यह कदम भारत-जापान के बीच पहले से जारी रणनीतिक और रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत-जापान समझौते की बड़ी बातें रक्षा उद्योग में संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति नौवहन और हवाई मार्गों की स्वतंत्रता की सुरक्षा पर जोर बल या दबाव से यथास्थिति बदलने का विरोध नौसैनिक पोतों के डिजाइन और निर्माण में संयुक्त विकास की संभावना खुफिया, उपकरण और रक्षा तकनीक में सहयोग बढ़ेगा Share This Article Post navigation लिंग जांच से जुड़े मामलों की पुलिस नहीं कर सकती जांच: सुप्रीम कोर्ट Ladakh Viral Video : लद्दाख चेकपोस्ट पर महिला पर्यटक का वीडियो वायरल…! पूर्व सैन्य अधिकारियों ने जताई नाराजगी