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रायपुर, 26 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / भारत में खरीफ और आगामी रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ आयात के स्रोत भी बढ़ाए हैं।

रूस ने भी भारत को उर्वरकों की सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस भारतीय किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए खाद का निर्यात बढ़ा रहा है।

रूस बढ़ाएगा खाद की सप्लाई

24 अगस्त को मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस भारत की कृषि जरूरतों को देखते हुए उर्वरक निर्यात बढ़ा रहा है। जरूरत पड़ने पर आगे भी सप्लाई बढ़ाई जा सकती है।

रूस से बढ़ा उर्वरक आयात

भारत और रूस के बीच उर्वरक कारोबार लगातार मजबूत हुआ है। 2025 में भारत ने रूस से करीब 65 लाख टन उर्वरक आयात किया, जो एक साल पहले की तुलना में करीब 41% अधिक था।

कई देशों से खरीदी जा रही खाद

उर्वरकों की वैश्विक सप्लाई में किसी एक देश पर निर्भरता कम करने के लिए भारत ने आयात के स्रोत बढ़ाए हैं। भारतीय कंपनियां रूस के अलावा चीन, बेल्जियम, मिस्र, जर्मनी, मोरक्को, अमेरिका, सऊदी अरब और तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों से भी उर्वरक खरीद रही हैं।

घरेलू उत्पादन भी बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश में कुल 115.72 लाख टन उर्वरक का उत्पादन हुआ। इसमें यूरिया का उत्पादन 71.55 लाख टन रहा, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। डीएपी का उत्पादन भी 9.84 लाख टन रहा।

किसानों के लिए क्या मायने?

सरकार का लक्ष्य खरीफ और रबी सीजन में किसानों को समय पर यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराना है। घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आयात के स्रोतों में विविधता लाने और पर्याप्त स्टॉक रखने से आपूर्ति संकट का जोखिम कम करने की कोशिश की जा रही है।

वैश्विक सप्लाई चुनौतियों के बावजूद भारत ने उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन और आयात दोनों पर जोर बढ़ाया है।

रूस की अतिरिक्त सप्लाई किसानों के लिए खाद की उपलब्धता को और मजबूत कर सकती है।


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