Share This Article रायपुर, 28 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ में कहा कि भारत को 21वीं सदी का आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए बच्चों की प्रतिभा और क्षमता की वैज्ञानिक तरीके से पहचान जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे में जिस खेल की क्षमता हो, उसे उसी के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाए। सरकार खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और अन्य जरूरी सुविधाओं में पूरा सहयोग देगी। टैलेंट की वैज्ञानिक पहचान पर जोर PM मोदी ने कहा कि हर बच्चा अलग क्षमता लेकर आता है।जरूरत है यह पहचानने की कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए फिट है, ताकि उसे उसी खेल में बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए टैलेंट की पहचान 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक टैलेंट पहचान और लंबे समय की एथलीट डेवलपमेंट पर भी जोर दिया जा रहा है। ‘स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर जरूरी’ प्रधानमंत्री ने युवाओं से खेल को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्ले-स्टेशन से ज्यादा प्लेग्राउंड की अहमियत है। स्कूलों में खेल को केवल सह-पाठ्यक्रम गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन का जरूरी हिस्सा बनाया जाना चाहिए। खेल सिर्फ मेडल नहीं, बेहतर इंसान भी बनाता है उन्होंने कहा कि खेल हमें केवल चैंपियन बनना नहीं सिखाता, बल्कि हार के बाद फिर उठना, मुकाबला करना और अनुशासन के साथ आगे बढ़ना भी सिखाता है। खेल स्वस्थ समाज और बेहतर जीवनशैली की नींव मजबूत करता है। पैरा खिलाड़ियों से युवाओं को प्रेरणा PM मोदी ने शीतल देवी, अवनी लेखरा, सुमित अंतिल और नितेश कुमार जैसे पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता पूरे परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बनती है। नशे से दूर रखने में भी खेल की बड़ी भूमिका प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में इच्छाशक्ति और अनुशासन बढ़ाता है। ऐसे में नशामुक्त युवा अभियान में खेल प्रभावी भूमिका निभा सकता है। ‘खेलो इंडिया संवाद’ के प्रमुख विषयों में नशामुक्त युवा भी शामिल रहा। स्पोर्ट्स में करियर के नए अवसर खेल अब केवल खिलाड़ी बनने तक सीमित नहीं है। स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, न्यूट्रिशन, साइकोलॉजी, एनालिटिक्स, इक्विपमेंट डिजाइन, कोचिंग और ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए करियर अवसर बन रहे हैं। युवाओं के विचारों से बनेगा ‘विकसित भारत’ PM मोदी ने युवाओं से ‘खेलो इंडिया संवाद’ के मंच का अधिक से अधिक उपयोग करने और अपने सुझाव देने की अपील की। कार्यक्रम का उद्देश्य खेल, युवा नेतृत्व, फिटनेस, नशामुक्ति और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि —प्रतिभा पहचानिए, सही खेल चुनिए और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के साथ भारत की नई खेल शक्ति तैयार कीजिए। Share This Article Post navigation Hockey World Cup : भारतीय हॉकी पर श्रीजेश के तीखे सवाल…! किसी को फर्क पड़ता है? WC से बाहर होने पर मैनेजमेंट को घेरा अहमदाबाद में खेलों का मेगा प्लान…अमित शाह ने 2030 CWG और 2036 ओलंपिक की तैयारियां परखी