Share This Article रायपुर, 01 सितम्बर2026/ ETrendingIndia / UP के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। 730 करोड़ रुपये की लागत से 56.15 किलोमीटर लंबे इस खंड को ब्रॉड गेज में बदला गया और इसका विद्युतीकरण किया गया। चार मौजूदा रेलगाड़ियों की सेवाओं को भी नेपालगंज रोड तक बढ़ाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। श्री वैष्णव ने बताया कि प्रभावित इलाकों से बचाकर भारत लाए जा रहे यात्रियों के लिए रेलवे भी व्यवस्थाएं कर रहा है। रेलवे ने उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने हेतु विशेष कोच और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है। रेलवे बोर्ड विभिन्न रेलवे जोनों, जिला एवं राज्य प्रशासनों तथा विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि नेपाल की परिस्थितियों से प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और वापसी सुनिश्चित की जा सके। अब ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क में एकीकृत नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच मीटर-गेज रेल खंड का निर्माण मूल रूप से 1886 में किया गया था। आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद, यह खंड अब ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। इससे बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड स्टेशनों को बेहतर कनेक्टिविटी हासिल हो रही है।यह अब देश के बड़े रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। लंबी दूरी की रेलगाड़ियों की सेवाओं का नेपालगंज रोड तक विस्तार यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने हेतु, रेल मंत्रालय ने 14213/14214 वाराणसी–बहराइच एक्सप्रेस, 15132/15131 वाराणसी सिटी–गोरखपुर एक्सप्रेस और 75109/75110 व 75111/75112 गोंडा–बहराइच रेलगाड़ियों की दो जोड़ियों की सेवाओं को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इन सेवाओं से नेपालगंज रोड और आस-पास के इलाकों के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी तथा दूसरे बड़े शहरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी हासिल होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को भी लाभ होगा, खासकर उन लोगों को जो रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार और दूसरे कार्यों के लिए सीमावर्ती इलाकों में आते-जाते हैं। आकांक्षी जिले बहराइच के लिए नए अवसर आकांक्षी जिले बहराइच के सीमावर्ती इलाके में आमान परिवर्तन परियोजना के पूरा होने से इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को काफी गति मिलने की उम्मीद है। इस रेल खंड के विद्युतीकरण से इलेक्ट्रिक इंजन वाली रेलगाड़ियों का परिचालन संभव हो पाएगा, जिससे डीजल ट्रैक्शन पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन को घटाने में मदद मिलेगी। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल इलाके में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने हेतु व्यापक पैमाने पर योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन जगहों पर पहले से दोहरी लाइनें हैं, वहां तीसरी और चौथी लाइनें जोड़कर सात बड़े रेलवे नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने पूर्वांचल को सेवा प्रदान करने वाले दिल्ली-गाज़ियाबाद-मुरादाबाद-सीतापुर-बुढ़वल-गोंडा-गोरखपुर नेटवर्क का उल्लेख किया और कहा कि दिल्ली से गोंडा वाले खंड को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी के विकास से राज्य की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली-आगरा की यात्रा में 58 मिनट, दिल्ली-कानपुर में 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली-लखनऊ में 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली-प्रयागराज की यात्रा में लगभग तीन घंटे लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली-वाराणसी की यात्रा में लगभग साढ़े तीन घंटे लगेंगे। श्री वैष्णव ने यह भी बताया कि प्रस्तावित कनेक्टिविटी को आगे चलकर पटना तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पटना के बीच 1,170 किलोमीटर की यात्रा लगभग साढ़े चार घंटे में पूरी की जा सकेगी। Share This Article Post navigation पुणे एवं हडपसर यार्ड : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की कुछ ट्रेनों के परिचालन में परिवर्तन | Live Train Monitoring System : देश की पहली पहल बिलासपुर में …! निगरानी अब अधिक संरक्षित, तेज, पारदर्शी और प्रभावी…59 स्टेशनों की निगरानी एक साथ…