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रायपुर, 07 सितंबर / ETrendingIndia / सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग ने भारत को दक्षिण कोरिया के निर्यात को नई ऊंचाई दी है। साल के पहले आठ महीनों में कोरियाई निर्यात 30.8% बढ़कर 16.8 अरब डॉलर पहुंच गया।

दोनों देशों के बीच बढ़ते कारोबारी और रणनीतिक रिश्तों से व्यापार को और गति मिलने की उम्मीद है।

8 महीने में निर्यात 30.8% बढ़ा

KOTRA के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की समान अवधि में भारत को दक्षिण कोरिया का निर्यात 12.84 अरब डॉलर था, जो इस साल बढ़कर 16.8 अरब डॉलर हो गया।

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इस उछाल के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

मेक इन इंडिया’ और AI बूम का असर

भारत में AI, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ते निवेश से चिप, उपकरण, पार्ट्स और मटीरियल की मांग बढ़ी है। इसका सीधा फायदा कोरियाई कंपनियों को मिल रहा है।

दोनों देशों का व्यापार 21.8 अरब डॉलर

इसी दौरान भारत से दक्षिण कोरिया का आयात भी 16.2% बढ़कर 5.03 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके साथ दोनों देशों का कुल द्विपक्षीय व्यापार 21.8 अरब डॉलर हो गया।

2030 तक 50 अरब डॉलर का लक्ष्य

भारत और दक्षिण कोरिया ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए CEPA को अपग्रेड करने पर भी सहमति बनी है।

रिश्तों में आर्थिक साझेदारी को नई धार

दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की हालिया मुलाकातों में व्यापार, तकनीक, संस्कृति और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग के बीच भारत-दक्षिण कोरिया की आर्थिक साझेदारी अब और मजबूत होती दिख रही है।


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