Share This Article रायपुर, 16 सितंबर / ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की गेवरा कोयला खदान ने दुनिया की बड़ी ओपन-कास्ट कोयला खदानों में अपनी पहचान बनाई है। एसईसीएल अब उत्पादन क्षमता बढ़ाकर अगले वर्ष दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ओडिशा से आए पत्रकारों के दल ने अंतरराज्यीय मीडिया एक्सपोजर टूर के दौरान गेवरा खदान का दौरा कर आधुनिक खनन तकनीक, सुरक्षा और कोयला परिवहन व्यवस्था को करीब से देखा। 5.91 करोड़ टन कोयला उत्पादन पत्रकारों को बताया गया कि गेवरा खदान ने 2023-24 में 5.91 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया था और यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खुली कोयला खदान रही। खदान से सात राज्यों को कोयले की आपूर्ति होती है और देश के कुल कोयला उत्पादन में करीब 6% योगदान है। आधुनिक मशीनों से तेज और सुरक्षित खनन दौरे के दौरान पत्रकारों ने हाई-कैपेसिटी मशीनरी, सरफेस माइनर्स, रिपर तकनीक और शोवेल-डंपर संयोजन के जरिए कोयला उत्खनन की प्रक्रिया देखी। एसईसीएल महाप्रबंधक (संचालन) धीरज चौधरी ने उत्पादन बढ़ाने के साथ सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए किए जा रहे तकनीकी और प्रबंधन संबंधी उपायों की जानकारी दी। डिजिटल तकनीक पर भी जोर प्रोजेक्ट डिजीकोल के तहत डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर उत्पादन की निगरानी और खदान की परिचालन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी के तहत कन्वेयर सिस्टम और रैपिड लोडिंग साइलो से कोयला परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर है। पर्यावरण संरक्षण के उपायखनन के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए वनीकरण, मियावाकी पौधरोपण, धूल नियंत्रण, खदान के पानी का प्रबंधन और भूमि पुनर्वास जैसे कार्य किए जा रहे हैं। एसईसीएल के अधिकारियों के अनुसार, उत्पादन बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कंपनी अपनी भविष्य की उत्पादन क्षमता को मजबूत कर रही है। Share This Article Post navigation कोरिया वनमंडल में हाथियों की धमक: अलर्ट मोड पर वन अमला, आधी रात को भी फील्ड में डटे अधिकारी