Share This Article रायपुर, 18 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / भुवनेश्वर और उत्तराखंड से आए पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का दौरा कर कोयला खनन, ऊर्जा सुरक्षा, खान सुरक्षा और सतत विकास से जुड़ी गतिविधियों की प्रत्यक्ष जानकारी ली। पीआईबी रायपुर, भुवनेश्वर और उत्तराखंड के सहयोग से आयोजित इस दौरे में मीडिया दल ने गेवरा कोयला खदान का मैदानी अवलोकन भी किया। गेवरा एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा खदान में देखा खनन कार्यउन्होंने छत्तीसगढ़ के गेवरा क्षेत्र में कोयला उत्खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों को करीब से देखा। गेवरा को एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान के रूप में बताया गया। दल ने खनन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की पहल भी देखी। मियावाकी पौधरोपण दौरे के दौरान मियावाकी पौधरोपण पहल सहित पर्यावरणीय गतिविधियों का अवलोकन किया गया। एसईसीएल अधिकारियों ने सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार खनन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। ऊर्जा सुरक्षा में एसईसीएल की भूमिका एसईसीएल मुख्यालय में संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों ने कंपनी के परिचालन और देश की ऊर्जा जरूरतों में उसके योगदान पर जानकारी साझा की। तकनीकी नवाचार, खान सुरक्षा, सीएसआर, कर्मचारी एवं समुदाय कल्याण और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से सीधा संवाद कार्यक्रम में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी-संचालन) रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक (तकनीकी-योजना एवं परियोजना) नृपेंद्र नाथ सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में मीडिया प्रतिनिधियों ने खनन, तकनीक, सुरक्षा, पर्यावरण और सामुदायिक विकास से जुड़े सवाल किए। Share This Article Post navigation अवैध अफीम खेती पर भारत की कार्रवाई की ट्रंप ने की सराहना…! मोदी सरकार के प्रयासों का किया स्वागत NTPC कोरबा की बड़ी पहल : 60.71 लाख टन राख का उपयोग… 25 हजार लोगों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा