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कोलकाता, 18 सितंबर 2026। TMC : तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। आयोग के फैसले के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।

ममता गुट को मिला ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ सिंबल

चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम से चुनावी मैदान में रहेगा। इस गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है। आयोग ने इस गुट को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में मानने की व्यवस्था की है।

दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम

रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इस गुट को भी पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में माना गया है।

मूल TMC नाम और ‘फूल-घास’ सिंबल फ्रीज

इससे एक दिन पहले चुनाव आयोग ने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पार्टी के पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई थी। दोनों गुटों के बीच पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण और पहचान को लेकर विवाद चल रहा है। आयोग ने अंतिम निर्णय होने तक दोनों पक्षों को अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ाने की व्यवस्था की है।

उपचुनाव से पहले आया बड़ा फैसला

चुनाव आयोग का यह फैसला आगामी उपचुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों तथा असम की नागांव लोकसभा सीट के उपचुनावों में दोनों गुटों की ओर से उम्मीदवारों के नामांकन को लेकर स्थिति बनी थी। अलग-अलग नाम और चिह्न आवंटित किए जाने के बाद संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

अंतिम फैसला अभी बाकी

चुनाव आयोग की यह व्यवस्था फिलहाल विवाद के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगी। मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न को लेकर दोनों पक्षों के दावों पर आयोग का अंतिम निर्णय अभी बाकी है।


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