India-New Zealand FTAIndia-New Zealand FTA
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वेलिंगटन, 20 सितंबर 2026। India-New Zealand FTA : भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा है कि दोनों देश समझौते को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी आधिकारिक दस्तावेजों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं और इसके अगले एक महीने के भीतर लागू होने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड की संसद समझौते को लागू करने वाले कानून को 93-29 के मत से मंजूरी दे चुकी है और 17 सितंबर को इसे अंतिम स्वीकृति भी मिल गई।

पहले दिन से भारतीय सामान पर जीरो ड्यूटी

भारत के लिए इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच है। न्यूजीलैंड सरकार के अनुसार, समझौता लागू होने के साथ भारतीय वस्तुओं को न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच मिलेगी। भारत सरकार ने भी कहा है कि यह समझौता 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच प्रदान करेगा।

न्यूजीलैंड की ओर से भारत से आने वाले सामान पर शुल्क समाप्त करने की व्यवस्था से भारतीय निर्यातकों को वहां कीमत के स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के करीब 57 प्रतिशत निर्यात को समझौता लागू होने के पहले दिन भारत में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा और पूर्ण क्रियान्वयन के बाद उसके करीब 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या काफी कम किए जाने का प्रावधान है।

रसायन, दवा और मशीनरी कारोबार को मिल सकती है नई रफ्तार

टॉड मैक्ले के मुताबिक, FTA लागू होने के बाद भारत से न्यूजीलैंड को रसायन, औषधि और मशीनरी के निर्यात में विस्तार की संभावना है। सेवाओं के क्षेत्र में भी खासकर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार से जुड़े कारोबार के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।

न्यूजीलैंड को भी भारत में खाद्य उत्पादों, मशीनरी, सेवाओं और निवेश के लिए अधिक बाजार अवसर मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के साथ समझौते का उद्देश्य निवेश और कारोबारी सहयोग को भी विस्तार देना है।

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में करीब नौ महीने चली बातचीत के बाद FTA पर हस्ताक्षर किए थे। भारत सरकार के अनुसार, समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना है।

वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 4 अरब न्यूजीलैंड डॉलर के स्तर पर है। दोनों सरकारों ने 2030 तक इसे बढ़ाकर करीब 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। न्यूजीलैंड सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 तक के वर्ष में दोनों देशों के बीच व्यापार NZ$3.99 अरब रहा।

छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही पर भी असर

FTA का असर सिर्फ वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। समझौते के बाद दोनों देशों के बीच छात्रों, पेशेवरों, पर्यटकों और कारोबारी यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। इससे शिक्षा, IT, संचार और अन्य सेवा क्षेत्रों में भारत-न्यूजीलैंड सहयोग के नए अवसर बन सकते हैं।

फिलहाल दोनों देश समझौते को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं। न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले ने अगले एक महीने के भीतर इसके लागू होने की उम्मीद जताई है, जबकि भारतीय अधिकारियों ने भी अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में इसके प्रभावी होने के संकेत दिए हैं।


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