Bhoramdev CorridorBhoramdev Corridor
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रायपुर, 22 सितंबर 2026। Bhoramdev Corridor : छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में लगभग 146 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई है। जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में मंत्रियों ने धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी दी। सभी प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समय-सीमा में दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

146 करोड़ के प्रोजेक्ट में धीमी गति पर सख्ती

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक परियोजना है। निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने पर अब जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर 15 दिन के बाद निर्माण स्थल पर कार्ययोजना के अनुरूप ठोस प्रगति दिखाई देनी चाहिए। लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार को कार्य से पृथक करने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ब्लैकलिस्ट सहित अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।

15 दिन की कार्ययोजना, मौके पर दिखना चाहिए परिणाम

विजय शर्मा ने कहा कि कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। निर्माण स्थल पर निर्धारित अवधि के बाद उसका परिणाम स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। उन्होंने पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने और तकनीकी या अन्य समस्या आने पर अधिकारियों को तत्काल जानकारी देने को कहा।

उप मुख्यमंत्री ने आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने तथा पीएमसी की भूमिका और तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

पर्यटन मंत्री ने भी ठेकेदारों को दी चेतावनी

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कई निर्माण कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 9 महीने बीत चुके हैं, लेकिन काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करने और हर 15 दिन के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए।

मंत्री ने कहा कि प्रत्येक 15 दिन में प्रगति की समीक्षा होगी। तय लक्ष्य के अनुसार काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को कार्य से पृथक करने और अनुबंध के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से एक जिम्मेदार प्रतिनिधि की मौजूदगी भी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि ड्राइंग, डिजाइन और निर्माण से जुड़े मामलों में तत्काल निर्णय लिया जा सके।

मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला के अनुरूप हो नया निर्माण

राजेश अग्रवाल ने निर्देश दिया कि भोरमदेव कॉरिडोर के ड्राइंग और डिजाइन में भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, स्वरूप और रंगत का विशेष ध्यान रखा जाए। नए निर्माण मंदिर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप और उसके साथ सामंजस्यपूर्ण होने चाहिए। सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी के निर्देश भी दिए गए।

मंत्री ने कहा कि भोरमदेव केवल कवर्धा की आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।

भोरमदेव मार्ग से हटेगा अतिक्रमण, पार्किंग की भी तैयारी

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा से भोरमदेव जाने वाले मुख्य मार्ग और आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति का चिन्हांकन कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार को मुख्य मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच करने को कहा।

राजस्व और वन विभाग की भूमि का संयुक्त रूप से चिन्हांकन कर अतिक्रमण पाए जाने पर उसे हटाने के निर्देश दिए गए। अतिक्रमण मुक्त कराई गई उपयुक्त शासकीय भूमि का उपयोग पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। साथ ही पूरे मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।


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