MP Crop DiversificationMP Crop Diversification
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भोपाल, 23 सितंबर 2026। MP Crop Diversification : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती का भविष्य उज्जवल है और किसानों को बदलते समय के साथ कृषि की नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़कर किसान अपनी आमदनी के नए रास्ते खोल सकते हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को मंत्रालय भोपाल से सीधी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

CM मोहन यादव बोले- सीधी में मिलेट उत्पादन की बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी जिला मिलेट उत्पादन में अग्रणी है। यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी मिलेट फसलें पारंपरिक रूप से उगाई जाती हैं और ये स्थानीय संस्कृति का भी हिस्सा हैं। जिले में श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए करीब 2 हजार हेक्टेयर में रागी और लगभग ढाई हजार हेक्टेयर में कोदो की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को प्रसंस्करण और बाजार से जोड़कर उनकी आय के नए अवसर तैयार करना भी है।

सीधी की खेती के साथ दरी और पर्यटन को भी मिल रही पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति से समृद्ध सीधी में खेती-किसानी के साथ पर्यटन, प्रकृति, लोक संस्कृति और दरी कारीगरी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। पंजा दरी और कालीन उत्पादों ने सीधी को अलग पहचान दी है तथा इनकी मांग विदेशों तक है। उन्होंने बताया कि पंजा दरी और कालीन जैसे हथकरघा उत्पादों को एक जिला-एक उत्पाद के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है, जिससे स्थानीय कारीगरों को आय के अवसर मिल रहे हैं।

नई तकनीक से खेती में बढ़ रही पैदावार, ड्रिप और मल्चिंग पर जोर

डॉ. यादव ने कहा कि सीधी के किसान अब कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर के साथ फल एवं सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है। टमाटर उत्पादन में सीधी की अलग पहचान है। प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन के साथ कटहल, कलमी आम, ग्राफ्टेड अमरूद, कलमी नींबू, फूलगोभी और चुकंदर जैसी फसलों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पानी की बचत के साथ उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है।

किसानों से समय पर पंजीयन और पशुपालन से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है और कृषि ऋण चुकाने की व्यवस्था भी किसानों की सुविधा के अनुरूप की गई है। उन्होंने किसानों से समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए समय रहते पंजीयन कराने की अपील की। साथ ही किसानों को दुग्ध उत्पादन से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

उन्होंने बताया कि सीधी में पिछले छह महीनों में महिला समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू और 5 क्विंटल महुआ बिस्किट बेचकर करीब 13 लाख रुपये की आमदनी अर्जित की है। मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों की सराहना करते हुए किसानों और ग्रामीण समूहों से कृषि आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर संचालित सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील भी की।

प्रगतिशील किसानों और उत्कृष्ट विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

बलराम कृषि महोत्सव में “खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाएं” विषय पर संगीता मिश्रा, विपिन शुक्ला, सजन सिंह, विष्णुकांत कुशवाह और आरती सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। मत्स्यपालन, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्राकृतिक खेती, दाल उत्पादन, बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल, भैंस पालन और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वेता सिंह, सिद्धार्थ सिंह चौहान, संगीता मिश्रा, रीतू सिंह, बैयंत सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, उर्मिला साहू, सौखीलाल यादव और गुलाब सिंह सहित अन्य को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक कुंवर सिंह टेकाम, विश्वामित्र पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू रामजी सिंह, कलेक्टर विकास मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्रालय भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई उपस्थित थे।


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