Share This Article रायपुर, 25 सितंबर 2026। CG Baiga Culture : विश्व पर्यटन सप्ताह के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के थाड़पथरा में आयोजित ‘रूरल एंड ट्राइबल टूरिज्म वर्कशॉप एवं फील्ड विजिट’ में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के 90 विद्यार्थियों ने ग्रामीण और जनजातीय पर्यटन को करीब से समझा। विद्यार्थियों ने जंगल, अमरावती गंगा और ‘माई का मंडप’ तक ट्रैकिंग कर बैगा संस्कृति, स्थानीय खान-पान और समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल का अनुभव लिया। जंगल से ‘माई का मंडप’ तक ट्रैकिंग मडहाउस परिसर से विद्यार्थियों ने घने जंगल और अमरावती गंगा के प्राकृतिक परिवेश से होते हुए कमरापथरा मार्ग से ‘माई का मंडप’ तक ट्रैकिंग की। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच संतुलन की संभावनाओं को समझा। प्राकृतिक वातावरण के बीच यह फील्ड विजिट उनके लिए पर्यटन प्रबंधन की पढ़ाई का व्यावहारिक अनुभव भी बना। बैगा संस्कृति और परंपराओं को जाना फील्ड विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने बैगा समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली, खान-पान, रहन-सहन और गोदना परंपरा के बारे में जानकारी ली। स्थानीय लोगों के साथ संवाद के माध्यम से उन्होंने जनजातीय संस्कृति और प्रकृति के साथ समुदाय के पारंपरिक सामंजस्य को करीब से समझा। स्थानीय व्यंजनों का भी लिया स्वाद थाड़पथरा पर्यटन समिति ने विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों से परिचित कराया। विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन और स्थानीय खान-पान की विशेषताओं को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने पर्यटन को केवल घूमने-फिरने के बजाय स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली से जोड़कर देखने का अवसर दिया। समुदाय आधारित पर्यटन पर जोर पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. राहुल गौतम, ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन प्रबंधक अभिषेक जायसवाल और पर्यटन समन्वयक हर्ष सोनी ने विद्यार्थियों को समुदाय आधारित और जिम्मेदार पर्यटन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की भागीदारी से प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं। पढ़ाई के साथ मिला जमीनी अनुभव आईजीएनटीयू के पर्यटन प्रबंधन विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर दिया। थाड़पथरा पर्यटन समिति ने भी आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई। जीपीएम जिले और मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के बीच अमरकंटक की पहाड़ियों में स्थित थाड़पथरा क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता के साथ बैगा जनजातीय संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। Share This Article Post navigation Raipur Welfare Foundation : विश्वगीता गौधाम में सेवा और संवेदना की मिसाल, 24 घंटे गौसेवा में जुटी टीम, 250 गौवंश की हो रही देखभाल Rural Development : भूग्राम जियो-टैगिंग में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, 99.34% ग्रामीण परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर