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 रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मार्च नहीं निकाल रहे हैं, बल्कि अपनी हार की खीझ निकाल रहे हैं। ये लोकतंत्र को कमजोर करने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश है।


शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन्होंने देश को लगातार लूटा, वो आज चोरी की बात कर रहे हैं। लोकतंत्र में विरोध की भी मर्यादा होती है, नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठे व्यक्ति को इसका ध्यान रखना चाहिए। बार-बार हारने के बाद कांग्रेस कुंठित हो गई है और अब धमकियों पर उतर आई है।


उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी को जनता के दिलों से धमकी देकर नहीं निकाला जा सकता, इसके लिए जनता के बीच जाकर मेहनत करनी पड़ती है। जनता का विश्वास जीतने के लिए जनता के बीच जाना पड़ता है, उसके सुख-दुख में सहभागी बनना पड़ता है। केंद्रीय मंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा है। मृत और अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में क्यों रहें? उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि फर्जी वोटों से कांग्रेस को इतनी मोहब्बत क्यों है,

क्या इन्हीं के सहारे कांग्रेस की राजनीति बची हुई है? शिवराज ने कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जीत जाएं तो चुनाव सही, हार जाएं तो वोट चोरी – यही कांग्रेस की राजनीति है। उन्होंने सवाल उठाया कि केरल, कर्नाटक, हिमाचल, पंजाब और झारखंड में विपक्ष की जीत क्या अवैध थी? जिस व्यवस्था से आप जीतते हैं, हारने पर वही अवैध कैसे हो जाती है?उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर देश को अराजकता की आग में झोंकने का पाप कांग्रेस न करे।

चुनाव आयोग पर बिना ठोस आधार के आरोप लगाना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हार का कारण चुनाव आयोग नहीं है, कांग्रेस को अपनी राजनीति और कार्यशैली पर आत्मचिंतन करना चाहिए। आकाश-पाताल एक करने से हार का कारण नहीं मिलेगा। देश की जनता ऐसे आचरण को कभी माफ नहीं करेगी।


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