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 रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। ETrendingIndia / महाराष्ट्र के सतारा जिले में टीवी और मोबाइल फोन को लेकर हुई बहस के बाद एक शिक्षक पिता ने अपनी 17 वर्षीय बेटी की कथित तौर पर बैट से वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने अपराध के सबूत मिटाने के तरीके जानने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद लेने की कोशिश की। हालांकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने आपराधिक गतिविधि से जुड़ी जानकारी देने से इनकार करते हुए उसे पुलिस को घटना की जानकारी देने की सलाह दी। इसके बावजूद आरोपी ने सबूत मिटाने का प्रयास किया।


यह दिल दहला देने वाली घटना सतारा के गोडोली उपनगर में शनिवार रात हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद सतारा शहर पुलिस रविवार सुबह मौके पर पहुंची। पुलिस को प्रारंभिक तौर पर बताया गया था कि एक लड़की ने दीवार पर सिर पटककर आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पुलिस को वहां सबूत मिटाए जाने के संकेत मिले, जिसके बाद जांच का रुख बदल गया।


पुलिस ने मौके पर खून के धब्बे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिटाने की कोशिश के निशान पाए। इसके बाद मृतका के माता-पिता से पूरे दिन गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पिता ने आखिरकार बेटी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया।


पुलिस जांच में सामने आया कि टीवी और मोबाइल फोन को लेकर पिता और बेटी के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में आरोपी पिता ने बेटी के सिर पर बैट से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।


सतारा शहर पुलिस थाने के निरीक्षक सचिन म्हेत्रे ने बताया कि मृतका के मोबाइल फोन और आरोपी के फोन के तकनीकी विश्लेषण से जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इससे पता चला कि घटना के बाद आरोपी ने अपराध के सबूत मिटाने और हत्या को छिपाने के तरीके जानने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता लेने की कोशिश की थी।


पुलिस के मुताबिक, बेटी की मौत के बाद आरोपी करीब तीन घंटे तक अपने मोबाइल फोन पर यह पता लगाने की कोशिश करता रहा कि हत्या के सबूत कैसे छिपाए जा सकते हैं। उसने इसके लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवा का इस्तेमाल किया। हालांकि उसे आपराधिक गतिविधि को छिपाने में मदद करने वाली जानकारी नहीं मिली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने उसे चेतावनी देते हुए पुलिस को घटना की सूचना देने की सलाह दी।
पुलिस को आरोपी की मोबाइल गतिविधियों के तकनीकी विश्लेषण से उसकी खोज संबंधी जानकारी भी मिली है। इससे घटना के बाद उसके द्वारा की गई गतिविधियों की कडिय़ां जोडऩे में पुलिस को मदद मिली।


जांच में यह भी सामने आया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से मदद नहीं मिलने के बाद आरोपी ने घटना के भौतिक साक्ष्य मिटाने पर ध्यान दिया। उसने खून से सनी अपनी टी-शर्ट उतारकर उसे कपड़े धोने की मशीन में तीन बार धोया। इसके बाद उसने फर्श पर पड़े खून के धब्बों को साफ किया और खून से सने बैट को भी धोकर साफ करने की कोशिश की। बाद में उसने बैट को छत पर फेंक दिया।


पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ में पिता के अपराध स्वीकार करने के बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले में पुलिस हत्या के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।


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