Share This Article रायपुर, 16 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में खरीदने की मंजूरी मिलने के बाद कनाडा की निवेश कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स ने बड़ा प्लान तैयार किया है। कंपनी की योजना आईडीबीआई बैंक को डिजिट इंश्योरेंस और आईआईएफएल कैपिटल से जोड़कर एक एकीकृत वित्तीय सेवा संस्थान बनाने की है। इससे ग्राहकों को बैंकिंग, बीमा, निवेश और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सेवाएं एक ही मंच पर मिल सकेंगी। हालांकि, इस योजना को अंतिम समझौतों और नियामकीय मंजूरियों की जरूरत होगी। ₹52,878 करोड़ का सौदा आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी खरीदने के लिए फेयरफैक्स को रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, सौदा अगले तीन से चार महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। एक बैंक, कई वित्तीय सेवाएं प्रस्तावित योजना के तहत आईडीबीआई बैंक के साथ डिजिट इंश्योरेंस और आईआईएफएल कैपिटल को जोड़ा जा सकता है। इससे ग्राहकों को मिलेंगी: बैंकिंग और ऋण सेवाएं जीवन और सामान्य बीमा निवेश बैंकिंग और शेयर बाजार से जुड़ी सेवाएं वेल्थ मैनेजमेंट और परिसंपत्ति प्रबंधन डिजिट और आईआईएफएल को भी मिलेगा फायदा फेयरफैक्स की डिजिट इंश्योरेंस कंपनियों में करीब 57% और आईआईएफएल कैपिटल में भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। बैंक के व्यापक नेटवर्क का इस्तेमाल बीमा उत्पादों और निवेश सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। नेतृत्व को लेकर क्या है योजना? प्रस्तावित व्यवस्था में आईडीबीआई बैंक के मौजूदा एमडी एवं सीईओ राकेश शर्मा को संयुक्त इकाई का नेतृत्व जारी रखने की उम्मीद है। एन. एस. कन्नन को चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव है। इन नियुक्तियों के लिए नियामकीय मंजूरी आवश्यक होगी। ग्राहकों और बाजार पर क्या होगा असर? फेयरफैक्स का मानना है कि एकीकृत वित्तीय मंच से ग्राहकों और कारोबारों को एक ही जगह कई सेवाएं मिल सकेंगी। इससे बैंक के कारोबार और बीमा व निवेश सेवाओं के वितरण का विस्तार हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर सौदा पूरा होने और योजना लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। Share This Article Post navigation Hyundai Motor India Investment : हुंडई का महाराष्ट्र में ₹11,000 करोड़ का निवेश, 2030 तक पुणे प्लांट में बनेंगी 3.20 लाख गाड़ियां भारत के निर्यात में 23% की उछाल…इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग सामानों की बढ़ी मांग