Chorbagan StampedeChorbagan Stampede
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कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026। Chorbagan Stampede : पश्चिम बंगाल के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ ने त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है।

तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति करेगी समीक्षा

सुरक्षा समीक्षा के लिए गठित समिति में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जावेद शमीम शामिल होंगे। पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख पंडालों का निरीक्षण करेंगे। जांच का मुख्य फोकस भीड़ की आवाजाही, निकास व्यवस्था और पंडालों की संरचनात्मक सुरक्षा पर रहेगा।

संकरे रास्तों और जटिल संरचनाओं पर विशेष ध्यान

प्रशासन ने आयोजकों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा पैदा करने वाली व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए। निकास मार्ग चौड़े करने, पर्याप्त रोशनी लगाने और रस्सियों से बनाए गए अवरोधों के कारण रास्ते संकरे होने से रोकने पर जोर दिया गया है। यदि पंडाल की बनावट से सुरक्षा जोखिम पैदा होता है, तो अनुष्ठानों को गर्भगृह तक सीमित रखकर बाहर एलईडी स्क्रीन से दर्शन की व्यवस्था करने की सलाह दी जा सकती है।

अष्टमी-नवमी पर बढ़ेगी निगरानी

दुर्गा पूजा के शेष दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन को भीड़ की आवाजाही नियंत्रित करने तथा आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा गया है।

हादसे के बाद सात गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज किया केस

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम महा सप्तमी के दौरान बारिश के बीच चोरबागान पंडाल में भीड़ बढ़ने के बाद भगदड़ हुई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और आयोजक समेत कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हादसे के वास्तविक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों का निर्धारण जांच के आधार पर होगा।

मृतकों के परिजनों के लिए सहायता की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और ग्रुप-डी के सरकारी पद पर नौकरी देने की घोषणा की है। इस घटना के बाद प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों के पालन और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कार्रवाई तेज होने की संभावना है।


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