Share This Article रायपुर, 30 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / खेती की लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेमेतरा के ग्राम पंचायत जनता में ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के तहत कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने 35 किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन की जानकारी दी। मिट्टी की जांच के आधार पर डालें खाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर के वैज्ञानिक डॉ. एस.के. जैन और डॉ. मल्लिकार्जुन जीर ने किसानों को सलाह दी कि वे मिट्टी का परीक्षण कराने के बाद ही जरूरत के अनुसार उर्वरकों का इस्तेमाल करें। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी। जैविक खेती को दें बढ़ावा वैज्ञानिकों ने रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने के लिए गोबर की खाद, कम्पोस्ट और अन्य जैविक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया। प्राकृतिक खेती और जलवायु अनुकूल कृषि तकनीक अपनाने की भी सलाह दी गई। पराली जलाने से बचें किसान किसानों को फसल अवशेष जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया गया। इससे मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने और उसकी उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है। कार्यक्रम में सरपंच पूजा मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। किसानों ने वैज्ञानिकों से खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा भी की। Share This Article Post navigation CG CM Helpline 1076 : घर बैठे दूर होंगी सरकारी दफ्तरों की परेशानियां, 2.45 लाख शिकायतों में से 85.85% का निराकरण, जानें कैसे करें शिकायत कबीरधाम के दिव्यांग तैराकों ने रचा इतिहास, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीते 8 पदक