Share This Article नासिक, 31 अक्टूबर 2026। Simhastha Kumbh 2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के बीच मजबूत कड़ी बनेगा। यह आयोजन युवा पीढ़ी को देश के समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने शुक्रवार को महाकुंभ की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत और ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है कुंभ राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का जीवंत प्रतीक है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा देश की सभ्यता, आस्था और सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाती है। युवा पीढ़ी को मिलेगी विरासत की जानकारी उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महाकुंभ के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, आध्यात्मिक विचारों और सांस्कृतिक मूल्यों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। ध्वजारोहण के साथ तैयारियों का आगाज नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित समारोह के साथ सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों ने औपचारिक गति पकड़ ली है। यह आयोजन भारत की प्राचीन धार्मिक परंपराओं को आधुनिक स्वरूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर बनेगा। Share This Article Post navigation Statue of Unity : पीएम मोदी ने साझा की एकता नगर के रेन फॉरेस्ट की खूबसूरती, कांच के स्काईवॉक से दिखता है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का नजारा