Israel Political 2026Israel Political 2026
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यरुशलम, 7 नवंबर 2026। Israel Political 2026 : इजरायल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन की हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के सामने बहुमत का संकट खड़ा हो गया है। हालिया चुनाव के बाद विपक्षी दलों ने पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व में नई सरकार बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग जल्द ही सरकार बनाने के लिए किसी नेता को आमंत्रित करने का फैसला कर सकते हैं। राष्ट्रपति के सामने हुई राजनीतिक दलों की सिफारिशों में 67 सांसदों ने आइजेनकोट का समर्थन किया, जबकि 46 सांसदों ने नेतन्याहू के पक्ष में अपनी राय रखी है। हालांकि, समर्थन मिलने के बावजूद नई सरकार का गठन आसान नहीं माना जा रहा है।

आइजेनकोट को मिला 67 सांसदों का समर्थन

इजरायल के 120 सदस्यीय संसद नेसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। राष्ट्रपति के साथ हुई परामर्श प्रक्रिया में 67 सांसदों ने गादी आइजेनकोट को सरकार बनाने का अवसर देने की सिफारिश की है। वहीं, नेतन्याहू के समर्थन में 46 सांसद सामने आए। इस घटनाक्रम के बाद आइजेनकोट को सरकार बनाने की दौड़ में महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। हालांकि, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मतभेदों के कारण सरकार गठन की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

नेतन्याहू का राजनीतिक समीकरण कमजोर

हालिया चुनाव में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं, जबकि उनके विरोधी गैर-अरब दलों को 48 सीटें हासिल हुई हैं। दूसरी ओर अरब दलों ने कुल 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस तरह किसी भी राजनीतिक गठबंधन के पास अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें नहीं हैं। नेतन्याहू के पुराने सहयोगी दलों में भी मतभेद सामने आए हैं। यूनाइटेड तोराह जुडाइज़्म ने इस बार उनके समर्थन में सिफारिश नहीं की है।

अरब दलों के समर्थन पर फंसा पेच

आइजेनकोट के सामने सबसे बड़ी चुनौती अरब दलों के समर्थन को लेकर है। विपक्षी गठबंधन के पास 48 सीटें हैं और बहुमत के लिए 13 अतिरिक्त सांसदों का समर्थन चाहिए। अरब दलों के पास 19 सीटें हैं, लेकिन आइजेनकोट पहले ही उनके साथ सरकार बनाने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें दूसरे राजनीतिक दलों से समर्थन जुटाना होगा। वहीं, नेतन्याहू भी विपक्षी सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर सकते हैं।

10 नवंबर को शुरू होगा नेसेट का नया सत्र

इजरायल की संसद नेसेट का नया सत्र 10 नवंबर से शुरू होने वाला है। राष्ट्रपति की ओर से सरकार बनाने का अवसर दिए जाने के बाद संबंधित नेता को गठबंधन तैयार करने के लिए 28 दिन का समय मिलेगा। जरूरत पड़ने पर 14 दिनों का अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है। यदि तय समय में सरकार नहीं बनती है तो राष्ट्रपति किसी दूसरे नेता को मौका दे सकते हैं।

सरकार गठन में देरी से बढ़ सकती है राजनीतिक अनिश्चितता

इजरायल में फिलहाल राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत से पीछे है, जबकि आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्ष के सामने भी सभी सहयोगियों को एक मंच पर लाने की चुनौती है। जब तक नई सरकार संसद में विश्वास मत हासिल नहीं कर लेती, नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। यदि राजनीतिक दलों के बीच सहमति नहीं बनती है तो देश में दोबारा चुनाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।


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