रायपुर ,12 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / US-China trade war begins, Trump imposes 100% tariff; will come into effect from November 1 / अमेरिका चीन ट्रेड वॉर , चीन द्वारा अमेरिकी उद्योगों के लिए आवश्यक दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे चीन की आक्रामक नीति करार देते हुए चीन से आयातित सभी उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि 1 नवंबर 2025 से अमेरिका चीन से आने वाले हर उत्पाद पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाएगा, जो पहले से लागू टैरिफ के ऊपर होगा। इसके साथ ही, अमेरिका महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर के निर्यात पर भी नियंत्रण लागू करेगा।
ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के माध्यम से की। उन्होंने कहा कि यह कदम चीन की नई कार्रवाइयों के जवाब में उठाया जा रहा है और यह अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह नीति विशेष रूप से चीन के लिए है और अन्य देशों के साथ अलग रुख अपनाया जाएगा।
अमेरिका चीन ट्रेड वॉर , आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका पहले से ही चीन के अधिकांश उत्पादों पर भारी शुल्क वसूल कर रहा है। फिलहाल औसत प्रभावी टैरिफ दर करीब 40 प्रतिशत है, जिसमें स्टील और एल्यूमीनियम पर 50 प्रतिशत और उपभोक्ता वस्तुओं पर लगभग 7.5 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है।
हाल ही में ट्रंप ने यह भी कहा था कि वह दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से नहीं मिलेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि चीन ने रेयर अर्थ पर प्रतिबंध जारी रखा, तो अमेरिका और सख्त कदम उठाएगा। उनका कहना था कि चीन दुनिया की सप्लाई चेन को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है और इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर चिप्स व अन्य हाई-टेक उद्योगों के लिए जरूरी धातुओं तक पहुंच सीमित कर रहा है।
उधर, चीन ने दो दिन पहले रेयर अर्थ और उनसे संबंधित तकनीकों के निर्यात पर नए नियम लागू करने की घोषणा की थी। अब विदेशी कंपनियों को ऐसे उत्पादों के निर्यात से पहले चीन की विशेष अनुमति लेनी होगी, जिनमें इन खनिजों का प्रयोग होता है।
चीन का दावा है कि यह कदम उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि इन संसाधनों का उपयोग सैन्य या अन्य संवेदनशील उद्देश्यों में न हो सके।
जानकारों के अनुसार, चीन दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत रेयर अर्थ खनिजों का खनन करता है और उनका 90 प्रतिशत प्रसंस्करण भी वहीं होता है। यही कारण है कि इन संसाधनों तक पहुंच दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव आने वाले महीनों में वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि रेयर अर्थ तत्व आधुनिक तकनीकी उपकरणों, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा प्रणालियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
