रायपुर / ETrendingIndia / दिल्ली सरकार की नई टैक्सी ऐप से ड्राइवरों को बड़ा फायदा
दिल्ली सरकार की नई टैक्सी ऐप जल्द लॉन्च होने जा रही है। यह राजधानी की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा होगी, जो ड्राइवरों को पूरी आमदनी देने और यात्रियों को बिना सर्ज चार्ज सस्ती यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक कैब एग्रीगेटर्स का विकल्प देना और टैक्सी चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
ड्राइवरों को मिलेगा 100% किराया
सूत्रों के अनुसार, इस नई सेवा में ड्राइवरों की पूरी कमाई उन्हीं को मिलेगी। किसी भी प्लेटफ़ॉर्म द्वारा कमीशन नहीं काटा जाएगा। दिल्ली के सहकारिता मंत्री रविंद्र इंद्रज ने बताया कि यह कदम “राजधानी में सहकारी आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा देने” की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है ताकि इसे जल्द लागू किया जा सके।
महाराष्ट्र के सहकार टैक्सी मॉडल से प्रेरित
यह योजना महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में विकसित हो रहे ‘सहकार टैक्सी प्रोजेक्ट’ से प्रेरित है, जिसे केंद्र के सहकारिता मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है। इस मॉडल में ड्राइवर स्वयं प्लेटफ़ॉर्म के सदस्य और हिस्सेदार बनते हैं, जिससे मुनाफा भी उन्हीं के बीच बाँटा जाता है।
दिल्ली में भी यह सेवा एक समर्पित मोबाइल ऐप के ज़रिए संचालित होगी, जो यात्रियों और ड्राइवर-सदस्यों के बीच सीधा संपर्क सुनिश्चित करेगी।
यात्रियों के लिए भी राहत और पारदर्शिता
दिल्ली सरकार की नई टैक्सी ऐप के ज़रिए यात्रियों को अब सर्ज चार्ज या अचानक किराए बढ़ने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। किराया तय स्लैब के अनुसार पारदर्शी तरीके से लिया जाएगा। इससे न केवल यात्रा सस्ती होगी, बल्कि भरोसेमंद सेवा भी सुनिश्चित होगी।
एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य टैक्सी चालकों की आय, कार्य-स्थितियों और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है, जिससे यात्रियों और ड्राइवरों दोनों को लाभ मिले।
टैक्सी यूनियनों ने स्वागत किया, कुछ सुझाव भी दिए
दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “निजी कैब कंपनियां हर सवारी से 40% तक कमीशन काटती हैं, जिससे ड्राइवरों की कमाई पर भारी असर पड़ता है।”
हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को केवल इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित न रहकर सीएनजी वाहनों को भी इस योजना में शामिल करना चाहिए, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत अधिक है।
नई दिशा में सहकारी आंदोलन
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार की नई टैक्सी ऐप न केवल ड्राइवरों को आर्थिक आज़ादी देगी, बल्कि राजधानी में सहकारी आंदोलन को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी। इससे यात्रियों को सस्ती और पारदर्शी यात्रा मिलेगी, जबकि ड्राइवरों को सम्मानजनक आय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
