the dragon has once again taken over the Diwali market in Kolkata
the dragon has once again taken over the Diwali market in Kolkata
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रायपुर 19 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / After many years, the dragon has once again taken over the Diwali market in Kolkata/ कोलकाता दिवाली बाजार चीनी उत्पाद , दिवाली के त्योहार को लेकर राजधानी के प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ देखी गई। लोग मिठाई, दीपक, वस्त्र और उपहारों की खरीदारी में व्यस्त हैं। बाजारों में उत्साह और खरीदारी का माहौल त्योहार की ओर इशारा कर रहा है।

कुछ साल तक तो दिवाली पर स्वदेशी सामानों के लिए लोगों का रुझान तो रहा लेकिन देखा जा सकता है कि, महानगर कोलकाता में इस दिवाली पर स्वदेशी उत्पाद पर चाइनीज उत्पाद भारी पड़ रहें हैं और यहां के तमाम बाजारों में ड्रैगन छाया हुआ है।

गुजरे कई सालों में भारतीय बाजार से चाइनीज उत्पाद को भारी चपत लगी थी। लेकिन अब अपवाद छोड़ दें तो महानगर कोलकाता में इस दिवाली पर ड्रैगन लूट रहा है।

अगर इसका नजारा देखना है तो कोलकाता के चांदनी मार्केट में देखा जा सकता है। जहां बाजार चाइनीज लाइटों से अटा पड़े है। वहीं शहर के महात्मा गांधी रोड, न्यू मार्केट, बड़ा बाजार और अन्य व्यस्त बाज़ारों में ग्राहक सुबह से ही खरीदारी में जुटे रहे। यहां भी चाइनीज उत्पादों की भरमार रही।

बहरहाल बड़ा बाजार हो या धर्मतल्ला, इजरा स्ट्रीट, पार्क स्ट्रीट। तमाम बाजार चाइनीज लाइट से जगमग है। यहां डिजिटल दिए, मोमबत्ती, झालर व रंग-बिरंगे सजावट सामान मौजूद हैं।

कोलकाता दिवाली बाजार चीनी उत्पाद , कुछ दुकानदारों ने कहा कि, चीन के खिलाफ देश के भीतर चाहें जितने भी नारे लगे लेकिन सच्चाई यह है कि भारत में खिलौने, टूनी लाइट, पटाखों व अन्य उत्पादों के व्यवसाय के क्षेत्र में हम चीन पर निर्भर हो गए हैं। फुटकर में चीनी झालर 100 रुपये से लेकर हजार रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि देसी झालर की न्यूनतम कीमत 300 रुपये है। वहीं चाइनीज लाइट कोलकाता के बाजारों में 45 रुपए से लेकर 700 रुपए तक में हैं और लोगों को लुभा रहें हैं।

सोशल मीडिया पर मीडिया में लोग देशभक्ति का आह्वान कर रहे हैं और उनसे दिवाली के दौरान भारतीय बाजारों में आने वाले चीनी उत्पादों से बचने का आग्रह कर रहे हैं। लेकिन चांदनी मार्केट में आंखों देखा हाल तो यह है कि चाइनीज लाइटों सूरज कोकी सुंदरता और दाम के कारण लोग यहां मचल रहें हैं और एक तरह से यहां दिवाली पर स्वदेशी उत्पाद की मुहिम की बांट लग रही है।

डिजाइनर दीयों से लेकर बहु-रंगीन बल्बों तक, झालरों से लेकर एलईडी पट्टियों तक, चीनी उत्पादों की बाजारों में बाढ़ है।