रायपुर 6 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / The Vice President praised the ‘Lakhpati Didi’ initiative and the control of Naxalism, saying democracy resides not only in Parliament but also in Gram Sabhas, Panchayats and Self Help Groups / लखपति दीदी पहल की सराहना , उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में “लखपति दीदी सम्मेलन” में भाग लिया। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ पहल की सराहना की तथा इसे भारत की महिलाओं की शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।
यह पहल उन महिलाओं – दीदियों – के संकल्प को दर्शाती है जो चुनौतियों को अवसरों में बदल रही हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि “लखपति दीदी” शब्द केवल आय का नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। देशभर में महिलाओं के नेतृत्व में हजारों स्वयं सहायता समूह इस बात को दर्शा रहे हैं कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और एकजुटता कैसे जीवन को बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का सपना महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक असाधारण कदम है ।यह एक ऐसा जीवंत आंदोलन बताया, जिसने देशभर में दो करोड़ से अधिक महिलाओं और छत्तीसगढ़ में पांच लाख महिलाओं को सक्षम बनाया है।

उन्होंने राज्य सरकार और राजनांदगांव जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की, जिससे 9,663 स्वयं सहायता समूहों के जरिए एक लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है और 700 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सम्मान। योजना के तहत 20 किश्तों में कुल 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के सीधे हस्तांतरण ने महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाया है।
उन्होंने कहा कि 1,000 से अधिक महिलाएं स्थानीय स्वशासन में पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल संसद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्राम सभाओं, पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों में भी बसता है, जहां नागरिक मिलकर चर्चा करते हैं, निर्णय लेते हैं और विकास करते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाऐं आज प्रशासक के रूप में उभर रही हैं, आर्थिक आजादी हासिल कर रही हैं और भावी नेताओं को प्रेरित कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ में हुई प्रगति को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब इस राज्य को पानी, बिजली और विकास के अभाव का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज यह राज्य पूरे देश के लिए बिजली का उत्पादन करता है और इसने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है।
उन्होंने इस क्षेत्र से नक्सल समस्या को समाप्त करने के सफल प्रयासों की भी सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दिया।
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि धन का सृजन करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका वितरण।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात का भी स्मरण किया कि 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ के निर्माण से पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा हुआ ।
सम्मेलन के दौरान, महिला समूहों द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक पहलों का प्रदर्शन किया गया। इनमें दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं बनाए गए सहायक उपकरण भी शामिल थे।
श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने राजनंदगांव स्थित उदयाचल स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान में एक नए पांच-मंजिला भवन का भी उद्घाटन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त बनाने में इस संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका और तपेदिक से निपटने एवं वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन जैसी पहल देशभर में स्वास्थ्य सेवा की सुलभता के मामले में व्यापक बदलाव ला रही हैं।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमन डेका; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय; छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनंदगांव में आयोजित दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित थे।
इससे पहले उपराष्ट्रपति ने नवा रायपुर में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) द्वारा आयोजित शानदार एयर शो का भी अवलोकन किया। यह शो राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव समारोह का एक हिस्सा था। कौशल और सटीकता के इस अद्भुत प्रदर्शन ने देशभक्ति का माहौल बनाया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
