Indian Railways Begins Trial Run Of Vande Bharat Express Train From Katra To Kashmir Valley
The Vande Bharat Express train arrives at Srinagar railway station during a trial run on the outskirts of Srinagar, Jammu and Kashmir, on January 25, 2025. The Indian Railways conducts a trial run of the Vande Bharat Express train from Katra to Budgam district, which passes through the world's highest Chenab Bridge before reaching Kashmir. Indian Prime Minister Narendra Modi is scheduled to inaugurate the Vande Bharat Express train next month. This marks the first time in history that the valley is connected by a direct train from New Delhi. The train is expected to boost tourism and trade in the region. (Photo by Firdous Nazir/NurPhoto via Getty Images)
Share This Article

रायपुर / ETrendingIndia / एआई आधारित रेल सुरक्षा को नया विस्तार

भारतीय रेल ने एआई आधारित रेल सुरक्षा को और मजबूत किया है। इस कारण इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम (IDS) का तेजी से विस्तार किया गया है। सिस्टम अब पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के 141 रूट किलोमीटर पर सक्रिय है। इसके अलावा, 981 रूट किलोमीटर पर कार्य के लिए टेंडर भी जारी किए गए हैं। इसलिए यह पहल हाथियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


रियल-टाइम अलर्ट से टकराव के जोखिम कम

IDS में डिस्ट्रीब्यूटेड एकॉस्टिक सेंसिंग (DAS) तकनीक का उपयोग होता है। यह प्रणाली हाथियों की गतिविधि पकड़ते ही रियल-टाइम अलर्ट भेजती है। अलर्ट लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम को मिलता है। इसके अलावा, समय रहते रोकथाम की कार्रवाई भी संभव होती है। इससे टकराव के जोखिम में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।


सिग्नलिंग और रोलिंग स्टॉक में भी एआई का उपयोग

भारतीय रेल सिग्नलिंग सिस्टम में एआई आधारित प्रीडिक्टिव मेंटेनेंस का भी पायलट प्रोजेक्ट चला रही है। trial से मानकीकृत अलर्ट प्रणाली मिलने की संभावना है। साथ ही, रेलways ने OMRS और WILD जैसी उन्नत तकनीकें भी अपनाई हैं। ये तकनीकें चलते हुए ट्रेनों में खराबियों का जल्दी पता लगाती हैं। इसलिए मेंटेनेंस प्रक्रिया अधिक सटीक और तेज बन रही है।


नई मशीन-विजन तकनीक से सुरक्षा और मजबूत

रेलवे ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। पहले समझौते के तहत DFCCIL के साथ मशीन-विजन आधारित इंस्पेक्शन सिस्टम (MVIS) लागू किया जाएगा। यह प्रणाली चलते हुए ट्रेनों के ढीले या गायब हिस्सों का पता लगाएगी। इसके अलावा, DMRC के साथ समझौते के बाद AWPMS तकनीक लागू होगी। यह तकनीक पहियों की प्रोफाइल को रियल-टाइम में मापेगी। इस कारण संपूर्ण निगरानी और भी सटीक होगी।


रेलवे मंत्री ने बताया एआई का महत्व

अंत में, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई आधारित रेल सुरक्षा भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने बताया कि मशीन-विजन और एआई टूल्स दुर्घटनाओं को रोकने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। कुल मिलाकर, ये तकनीकें भारतीय रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बना रही हैं।