AI Film Award
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रायपुर 12 जनवरी 2025/ ETrendingIndia / दुबई में AI सिनेमा का ऐतिहासिक क्षण

ट्यूनीशिया के फिल्मकार ज़ुबैर जलासी ने AI फिल्म अवॉर्ड जीतकर वैश्विक पहचान बनाई है।
उनकी फिल्म ‘लिली’ को दुनिया का सबसे बड़ा AI फिल्म पुरस्कार मिला।
यह सम्मान दुबई में आयोजित 1 बिलियन फॉलोअर्स समिट में दिया गया।
इस दौरान उन्हें एक मिलियन डॉलर की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई।


1 बिलियन फॉलोअर्स समिट की खासियत

यह अवॉर्ड शेखा लतीफा बिंत मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने प्रदान किया।
समिट का आयोजन यूएई गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने किया।
इसमें 116 देशों से 15,000 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स शामिल हुए।
थीम थी – ‘Content for Good’


कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद मिली जीत

AI फिल्म अवॉर्ड जीत के लिए 3,500 से अधिक फिल्मों की एंट्री हुई।
इसके अलावा, 30,000 प्रतिभागियों ने रुचि दिखाई।
40 विशेषज्ञों की जूरी ने 400 घंटे से अधिक कंटेंट की समीक्षा की।
अंततः, ‘लिली’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया।


AI तकनीक से बनी फिल्म ‘लिली’ की कहानी

‘लिली’ एक अकेले आर्काइविस्ट की कहानी है।
एक दुर्घटना के बाद उसकी ज़िंदगी बदल जाती है।
एक गुड़िया उसे अपराधबोध और आत्ममंथन की ओर ले जाती है।
अंत में, वह सच स्वीकार कर प्रायश्चित का मार्ग चुनता है।


AI और मानवीय मूल्यों का संगम

आयोजकों के अनुसार, यह पुरस्कार सकारात्मक कंटेंट को बढ़ावा देता है।
इसका उद्देश्य AI टूल्स से मानवीय और सांस्कृतिक कहानियाँ कहना है।
AI फिल्म अवॉर्ड जीत इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
इससे जिम्मेदार और अर्थपूर्ण कंटेंट को प्रोत्साहन मिलेगा।


निष्कर्ष

अंत में, ज़ुबैर जलासी की जीत AI सिनेमा के भविष्य का संकेत है।
यह उपलब्धि वैश्विक फिल्मकारों को नई प्रेरणा देगी।
कुल मिलाकर, AI फिल्म अवॉर्ड जीत ने रचनात्मकता की नई सीमा तय की है।
AI और सिनेमा का यह मेल ऐतिहासिक बन गया है।